बेरोजगार युवकों ने खोला क्राइम ब्रांच का फर्जी ऑफिस इलाके में करते थे वसूली

2019-06-23T10:58:52Z

अवैध वसूली नौकरी का झांसा देकर पब्लिक से ठगी करते थे। फर्जी आईडी कार्ड वर्दी और वॉकीटॉकी सहित कई सामान बरामद

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GORAKHPUR: शाहपुर एरिया के हनुमान मंदिर बिछिया में क्राइम ब्रांच का फर्जी ऑफिस चल रहा था. खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर पांच बदमाशों का गैंग लोगों को जेल भेजने की धमकी देते हुए वसूली में लगा था. एक शिकायत के आधार पर असली क्राइम ब्रांच टीम और शाहपुर पुलिस ने बदमाशों के गैंग के तीन सदस्यों को अरेस्ट किया. सरगना सहित दो की तलाश में टीम जुटी है. पकड़े गए लोगों के पास से पुलिस की वर्दी, यूपी पुलिस का बैच, सीटी डोरी, पुलिस मोनोग्राम लगी टोपी, मिलेट्री कलर की पैंट, वॉकी-टॉकी और चार्जर, फर्जी नियुकित पत्र, पुलिस अधीक्षक स्थापना-कार्मिक की मुहर, आधार कार्ड सहित कई विभागों के नियुक्ति के फॉर्म बरामद हुए. सीओ क्राइम ब्रांच ने बताया कि पकड़े गए बदमाश छह माह से सक्रिय थे.

बिछिया में बनाया ऑफिस, शिकायत पर कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली कि शाहपुर, हनुमान मंदिर बिछिया के पास दयाराम निषाद के घर में कुछ संदिग्ध लोग रहते हैं. वह लोगों की धर-पकड़ करके धनउगाही करते हैं. बिंदू चौहान नाम की एक महिला ने पुलिस वालों की वसूली की शिकायत सीनियर ऑफिसर्स से की. इसकी जांच सीओ क्राइम ब्रांच प्रवीण सिंह को मिली. स्वाट टीम के प्रभारी सादिक परवेज, एसआई राजाराम द्विवेदी, संजय कुमार सिंह सहित पुलिस टीम ने शुक्रवार को दयाराम निषाद के मकान में छापेमारी की. इस दौरान तीन लोगों को अरेस्ट करके पुलिस ने पूछताछ की. पता लगा कि मकान में कुल पांच लोग रहते थे. खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों के साथ ठगी करते थे. बेरोजगार युवकों को विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रुपए ले लेते हैं. छोटे दुकानदारों और अन्य लोगों को पुलिस की धौंस दिखाकर उसने अवैध वसूली करते रहे.

ऑनलाइन मंगाया वॉकी-टॉकी, पुलिस की तरह करते काम
पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों की पहचान बिछिया, सर्वोदय नगर मोहल्ला निवासी मनीष वर्मा और राहुल गौंड और कुशीनगर के कबीरस्थान, गगोली निवासी मेराज अहमद के रूप में हुई. तीनों ने पुलिस को बताया कि खलीलाबाद जिले के कैलाश नगर मोहल्ले का प्रतीक मिश्रा और भटहट कस्बा निवासी रुस्तम अली फरार हो गए हैं. प्रतीक मिश्रा उनके गैंग का सरगना है. प्रतीक के इशारे पर फर्जी क्राइम ब्रांच का ऑफिस बनाया गया था. पुलिस की तरह दिखाने के लिए ऑनलाइन वॉकी-टॉकी मंगाया गया. वर्दी की धौंस दिखाकर वसूली करते रहे. राहुल गौंड ने बीएससी किया है. मनीष वर्मा के पिता रेलवे कर्मचारी हैं. सीओ क्राइम ब्रांच ने बताया कि सरगना की गिरफ्तारी के बाद पूरी कहानी सामने आ सकेगी. लेकिन ये सभी पुलिस सेवा में जाना चाहते थे. किसी वजह से इनके अरमान पूरे नहीं हुए तो फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया.

वर्जन

क्राइम ब्रांच और शाहपुर पुलिस की टीम ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर जबरन वसूली करने, बेरोजगार युवकों को विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग के तीन सदस्यों को पकड़ा. सरगना सहित दो अन्य की तलाश में टीम लगी है.

- प्रवीण कुमार सिंह, सीओ क्राइम ब्रांच


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