- यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था आगरा का युवक

- शनिवार रात हुआ जानलेवा हमला, दो साथियों की हुई मौत

आगरा। आवास विकास निवासी युवक पर उक्रेन में जानलेवा हमला हुआ। हमले में उसके दो दोस्त की मौत हो गई। वह वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। विदेश में अपने इकलौते बेटे की हालत गंभीर होने की खबर मिलते ही माता-पिता के होश उड़ गए। परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। तभी दोबारा आए फोन ने उन्हें राहत दी। अस्पताल में एडमिट घायल बेटे ने जो उनसे बात की। अब बस वह यही दुआ कर रहे हैं कि बेटा पढ़ाई पूरा कर जल्द सुरक्षित लौट आए।

पांच साल पहले गया था

आवास विकास सेक्टर-1 निवासी नरेंद्र सिंह चौहान बेकरी का काम करते हैं। रविवार शाम चार बजे उनके मोबाइल पर आई एक कॉल ने परिवार के होश उड़ा दिए। कॉल यूक्रेन से थी। फोन करने वाला ने बताया कि उनका बेटा इंद्रजीत कोमा में है। पत्नी नीरा ने उसने घबराते हुए पूछा कि क्या हुआ। नरेंद्र सिंह ने हल्की आवाज में कहा कि बेटा कोमा में है। बेटे व उसके साथियों पर शनिवार रात कुछ लोगों ने हमला बोल दिया था। यह सुनते ही मां की चीख निकल गई। घर में नीरा के भाई लाखन सिंह भी आए हुए हैं। भाई ने किसी तरह उन्हें सम्भाला। उस दौरान नरेंद्र की दोनो बेटियां भी आ गई। उनको माजरा पता चला, तो वो भी सदमे में आ गई।

बेटे से बात होने पर मिली राहत

परिजनों ने जिस नंबर से कॉल आया था, उस पर रिवर्स कॉल किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। परिवार को बेटे की चिंता सता रही थी। चूंकि चार बजे जब दोस्त ने कॉल किया, तो बताया कि वह हॉस्पिटल जाकर देखेगा कि इंद्रजीत की हालत कैसी है। उसके सिर पर 6-7 टांके आए हैं। शरीर पर भी चोटें हैं। शाम को छह बजे फिर से कॉल आई इस बार आवाज दोस्त की नहीं बल्कि बेटे की थी। पिता ने बेटे की आवाज सुनी, तो खुशी से उनकी आंखों में आंसू आ गए।

बेटे ने कहा चिंता न करें

बेटे ने माता-पिता से कहा कि वह ठीक है। उसकी चिंता न करें। पिता ने उसके दो दोस्तों की मौत की जानकारी उसे नहीं दी। फोन करने वाले दोस्त ने बताने से मना कर दिया था। इंद्रजीत ने अपनी मां व अपनी बहनों से भी बात की। उसकी हालत में सुधार देख परिवार की चिंता कुछ कम हुई।

सुरक्षित डॉक्टर बन कर लौटे बेटा

पिता का कहना था कि उन्हें बेटे की चिंता है। साथ ही उन दो बेटों की मौत का मलाल भी है, जिनके घर पर कोहराम मचा हुआ है। उनमें से एक से उनकी मुलाकात दिल्ली में हुई थी। उनका कहना था कि उनका बेटा ठीक हो रहा है। अपने बेटे पर अपने जीवन की सारी जमा पूंजी लगा दी। वह चाहते हैं कि उनका बेटा सुरक्षित रहे और बड़ा डॉक्टर बन कर घर वापस लौटे।

पांच साल पहले गया था

24 वर्षीय इंद्रजीत 2011 में दोस्तों के साथ यूक्रेन एमबीबीएस-एमडी की पढ़ाई करने गया था। उसका अंतिम वर्ष रह गया है। अक्टूबर में उसकी छुट्टियां होने वाली थीं। वह अधिकतर छुट्टियों में घर आता है। उनसे शिकोहाबाद से इंटरमीडिएट किया था। वह उस दौरान हॉस्टल में रहता था। वहीं पर उसकी मुलाकात ऐसे साथियों से हुई, जो यूक्रेन में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं। उनसे वह प्रभावित हुआ। इंद्रजीत आगरा कॉलेज से बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई के बाद यूक्रेन चला गया था।

साल का चार से पांच लाख का खर्चा

पिता ने बताया कि उसकी पढ़ाई में चार से पांच लाख का सालाना खर्चा होता है। इसमें पढ़ाई, रहना, खाना सभी शामिल है। हाल ही में वहां पर उसने हॉस्टल छोड़ कर किराए पर कमरा लिया था। दो दोस्त भी उसके साथ में रहते थे। परिवार मूल रूप से औरैया का रहने वाला है। पिछले 25 साल से परिवार आवास विकास में रह रहा है। इंद्रजीत की दो बहनें हैं। बड़ी प्रियंका की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन कुसुम आगरा कॉलेज से एमएससी कर रही है। इंद्रजीत के मामा ने बताया कि वह कभी रशिया में पढ़ाई करने जाता, तो कभी यूक्रेन में पढ़ता। उसका ट्रांसफर भी होता रहता था।

आसपास के लोग भी पहुंचे घर

घटना की जानकारी के बाद आसपास के लोगों का भी उनके घर पर जमावड़ा लग गया। लोगों का कहना था कि विदेश में बच्चों को भेजना अब सुरक्षित नहीं रह गया है। कई परिवारों के बच्चे विदेशों में रह कर पढ़ रहे हैं या फिर नौकरी कर रहे हैं। वह परिवार इस घटना से सकते में आ गए हैं। वह फोन कर अपने बच्चों के हालचाल ले रहे हैं। इंद्रजीत के घर थाना पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने परिवार से बेटे का हालचाल लिया।

Posted By: Inextlive