ढाई घंटे प्लांट पर रहा किसानों कब्जा

2014-09-19T07:00:39Z

Meerut : मुरादनगर गंग नहर की पटरी पर किसानों ने ढाई घंटे तक कब्जा किए रखा। इस दौरान जहां किसान दिल्ली की आपूर्ति रोकने के लिए सोनिया विहार और भागीरथी रेगुलेटर पर जुटे रहे। वहीं उन्होंने प्लांट में तोड़फोड़ भी की। दिल्ली को ब्70 क्यूसेक जलापूर्ति के लिए मुरदानगर रेगुलेटर हेड के पास ही दिल्ली जल संपूर्ति रखरखाव प्लांट का संचालन जल निगम द्वारा किया जा रहा है।

किसानों के साथ वार्ता

किसानों और अधिकारियों के बीच वार्ता बैराज के चौकीदार के कक्ष में हुई। बिना पंखे और टीनशेड के क्ख् बाई क्ब् के कमरे में तख्त पर बैठे अधिकारी पसीने से बेहाल हो गए। अधिकारियों ने कहा कि उनका मामला केंद्र सरकार से संबधित है। ऐसे में यहां प्रदर्शन करने से कोई फायदा नहीं है। उन्होंने किसानों से वापस लौटने की अपील की, इस पर किसानों ने कहा कि बिना पानी बंद किए वह किसी कीमत पर नहीं जाएंगे। राजी नहीं होते देख डीएम ने ख्भ् आदमियों को प्रवेश की अनुमति दी। यह कह कर अधिकारी प्लांट में चले गए। इसके बाद जैसे ही बैरेकेडिंग हटाई गई किसानों का रेला मुरादनगर रेगुलेटर हेड के बैराज से अंदर घुस गया। देखते ही देखते किसान सोनियाविहार और भागीरथी रेगुलेटर हेड पर कब्जा कर लिया और लीवर चला कर फाटक बंद करने का प्रयास करने लगे।

आईजी के सामने रेगुलेटर तोड़ने में जुटे रहे किसान

आईजी आलोक कुमार लगभग साढ़े तीन बजे पर मौके पर पहुंचे। उस समय भी दोनो रेगुलेटर हेड पर किसान पानी बंद करने के प्रयास में जुटे थे फाटक नीचे नहीं जा पा रहा था। डीआईजी और एसएसपी से वार्ता के बाद आईजी ने पहले भागीरथी रेगुलेटर हेड पर जमे किसानों को हटाया। उन्होंने कहा कि आपकी मांग मान कर हमने समय दे दिया अब आप परिसर खाली कर दें।

आईजी के सामने लोग ताला तोड कर लीवर का पहिया घुमाने में जुटे थे। यही नहीं लोहे की जाली तोड़ कर वे आरी और बलकटी लिए पानी में डूबे फाटक के हुक भी निकाल कर लोहे का रस्सा काटने की तैयारी में थे। आईजी ने लोगों को फटकार कर बाहर निकाला। लगभग साढ़े चार बजे किसान मुरादनगर बैराज से निकले।


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