अमेरिका : एफबीआई ने पाकिस्तानी अमेरिकी वकार हसन को एयरपोर्ट पर किया गिरफ्तार, आईएसआईएस और जैश का था खास

अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई ने 35 वर्षीय पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक वकार हसन को दो आतंकवादी समूहों इस्लामिक स्टेट और JeM के साथ संपर्क में रहने के कारण गिरफ्तार किया है।

Updated Date: Sat, 04 May 2019 01:50 PM (IST)

वाशिंगटन (पीटीआई)। एफबीआई ने एक 35 वर्षीय पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक वकार उल हसन को दो आतंकवादी समूहों इस्लामिक स्टेट और जैश-ए-मोहम्मद के साथ संपर्क में रहने के कारण एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया है। वकार 15 साल की उम्र में अमेरिका आया था। बता दें कि उसे पाकिस्तान से अमेरिका वापस लौटने के दौरान मंगलवार को उत्तरी कैरोलिना में चार्लोट डगलस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। हसन को 2015 में आतंकवादी समूहों के साथ अपने संपर्कों के बारे में गलत बयान देने के दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है। दोषी पाए जाने पर उसे आठ साल तक की सजा हो सकती है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, 2014 में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) को सूचना मिली कि वह आतंकवादी संगठनों के संपर्क में है।कई बातों को किया स्वीकार
एफबीआई के साथ पूछताछ के दौरान उसने आतंकवादी समूहों के साथ कोई संपर्क होने या उनकी मदद करने से इनकार किया। बाद में नवंबर 2015 में, एफबीआई के साथ एक अन्य इंटरव्यू में हसन ने स्वीकार किया कि उसने झूठ बोला था और वह दो आतंकवादी समूहों इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) और जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में है। एफबीआई ने बताया कि हसन ने जैश-ए-मोहम्मद के साथ संपर्कों को स्वीकार किया। उसने भर्तीकर्ता के साथ फोन नंबरों का आदान-प्रदान करना स्वीकार किया और उनके साथ चरमपंथ के बारे में कई बातचीत की। आतंकियों के साथ रहाएफबीआई ने बताया कि हसन ने आगे यह भी स्वीकार किया कि उसने 2014 में जेएम चरमपंथियों के साथ यात्रा की और दो या तीन दिनों तक उनके साथ रहा, साथ ही 2013  और 2014 में जेएम चरमपंथियों के लिए उसने पैसा और भोजन इकट्ठा करने के लिए पाकिस्तान में यात्रा की और 2014 में पाकिस्तान में जैश ए मोहम्मद में भर्ती के लिए समाचार पत्रों का सहारा लिया। हसन ने एफबीआई को एक लिखित बयान में कहा, '2013 और 2014 के बीच मैंने गुजरात (पाकिस्तान में) की यात्रा की.... और आसपास के क्षेत्र में जैश मुजाहिदीन के लिए दो या तीन बार पैसा और भोजन एकत्र किया। 2014 में, जैश मुजाहिदीन के साथ रहने के दौरान उन्होंने पिछले साल भारतीय सैनिकों पर किये गए हमले के बारे में मुझे बताया। उन्होंने मुझे हमले का एक वीडियो दिखाया।'ग्लोबल टेररिस्ट मसूद अजहर को पनाह देने वाला पाकिस्तान दुनिया के अशांत मुल्कों में चाैथे नंबर परपाकिस्तान की बढ़ी मुश्किलें, अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध, अब बड़े अधिकारियों को भी नहीं मिल सकता है वीजाआतंकियों के लिए किया था पैसा इकट्ठा


उसने बताया, 'मैंने एक अखबार भी निकाला जो जैश मुजाहिदीन लोगों को भर्ती करने और पैसा इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल करता है। मैंने झूठ बोला था क्योंकि मैं मुसीबत में पड़ने से डरता था क्योंकि मैंने जैश मुहजादीन के लिए पैसे इकट्ठा करने, खाना खिलाने और अखबार पास करने में भाग लिया था जो एक आतंकवादी समूह है।' हसन ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह आईएसआईएस के साथ भी संपर्क में था। शिकायत में बताया गया है क्योंकि वह इस बात से नाराज था कि दुनिया भर के मुसलमानों के साथ क्या हो रहा है, वह सीरिया में जिहादियों को 175 अमरीकी डॉलर भेजने के बारे में गंभीर था लेकिन उसे पैसा भेजने का रास्ता नहीं मिला। बता दें कि हसन का जन्म 10 फरवरी, 1984 को पाकिस्तान के उत्तम गुजरात में हुआ था। वह पंद्रह साल की उम्र में 1999 में अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन आया था।

Posted By: Mukul Kumar
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