आलमपुर क्षेत्र में एक हजार परिवार में बुखार

2018-09-19T06:00:21Z

-नेशनल पर्सनल रिकॉर्ड सेंटर (एनपीआरसी) टीम ने डोर-टू-डोर कराया था सर्वे

-ट्यूजडे को आंवला क्षेत्र में तीन और क्योलडि़या क्षेत्र में मासूम की हुई मौत

डिस्ट्रिक्ट का आंकड़ा

91 -टीम कर रही फील्ड में काम

7964-आरडीटी

933-पीवी पॉजिटिव

291-पीएम पॉजिटिव

9-गांव में की गई फॉगिंग

BAREILLY :

नेशनल पर्सनल रिकार्ड सेंटर (एनपीआरसी) के सर्वे में आलमपुर क्षेत्र में बुखार कहर बरपा रहा है। एक हजार परिवार के लोग बुखार से पीडि़त हैं। टीम ने सर्वे की रिपोर्ट भमोरा सीएचसी प्रभारी डॉ। गौरव शर्मा को सौंप दी है। इस बुखार को लोग मलेरिया बता रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बिना किट मलेरिया की जांच ही नहीं हो सकती है। ऐसे में, बुखार को मलेरिया कहना जल्दी होगी। इन परिवारों की जांच करायी जाएगी।

वहीं मंडे को आंवला क्षेत्र में बुखार से तीन और क्योलडि़या क्षेत्र में डायरिया से एक मासूम की की मौत हो गई।

22 गांवों में कराया सर्वे

भमोरा के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उनके परिवारों का सर्वे कराया जिसमें बुखार पाया गया। एनपीआरसी की टीम ने गांव हरूनगला, मलगांव, कुसारी, आनन्दपुर, पस्तौर, क्योनाशादीपुर, नवदिया चाढ़पुर, आलमपुर जाफराबाद, चम्पतपुर, चकरपुर, मकरंदपुर, धाराजीत, भोजपुर, ललितपुर मंशारामपुर, बमियाना, सैदपुरकनी, रामपुर बुजुर्ग, सुल्तानपुर, देवचरा, राजूपुर व कैमुआ में सर्वे किया था।

आंवला में अब तक 47 मौतें

आंवला तहसील क्षेत्र में बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ट्यूजडे को विशारतगंज के गांव ¨भडोरा में मुनवव्वर खां और रईस खां की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से बुखार आ रहा था। मझगंवा क्षेत्र में अब तक 47 लोग बुखार का शिकार हो चुके है। वहीं गांव राजपुरकलां में सिपट्टर सिंह यादव, व दिनेश की बुखार से मृत्यु हो गयी इससे पूर्व यहां पर शंकर सिंह यादव व दरबारी मौर्य की पत्नी की मौत हो चुकी है, ग्राम में एक उपस्वास्थ्य केन्द्र मौजूद है जिसमें ताला लटका रहता है, यहां पर तैनात एएनएम कभी कभी आकर खाना पूरी करती है गांव में अभी तक कोई कैम्प नहीं लगाया गया है।

रहमानपुर में लगा स्वस्थ्य शिविर

मझगंवा क्षेत्र के ग्राम रहमानपुर में शिविर लगाकर 240 मरीजों का परीक्षण किया गया तथा उन्हें दवाइयां बांटी गई। यहां पर 25 मरीजों में मलेरिया के लक्षण पाए गए दो मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर सीएचसी पर भेजा गया, शिविर में डा। अरूण कुमार, डा। अनिल गुप्ता, डा। अनुज कुमार, ग्राम प्रधान बनवारी लाल आदि मौजूद रहे।

डायरिया से मासूम की मौत

क्योलडि़या के गांव जावेदा जवेदी के राजपाल जाटव का चार वर्षीय बेटे अमर उर्फ दीपक को मंडे तेज बुखार के साथ उल्टी दस्त आने शुरू हो गए। घबराए पिता ने सीएचसी पर एडमिट कराया। डॉक्टर सीपी सिंह ने उपचार से पहले मलेरिया की जांच कराई मगर मलेरिया के लक्षण नहीं पाए गए। डॉक्टर ने उपचार शुरू कर दिया मगर पिता इससे संतुष्ट नहीं थे। बेटे को स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी करा कर नवाबगंज के निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बेटे का उपचार शुरू कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉ। सीपी सिहं के अनुसार बच्चे की मौत डायरिया से हुई है। उनका कहना था कि यदि पिता बच्चे को अपनी मर्जी से यहां से नहीं ले जाता तो शायद यहां उसे बचाने के अधिक प्रयास किए जा सकते थे। इसी परिवार में रेनू, कल्पना व शिवम बुखार से पीडि़त हैं।

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जगतपुर में लगाया कैंप

शहर के मोहल्ला जगतपुर में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाया जिसमें सीएमओ डॉ। विनीत शुक्ला, मेयर डॉ। उमेश गौतम, बीजेपी महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया आईएमए अध्यक्ष डॉ। प्रर्मेन्द्र महेश्वरी और डॉ। विमल भारद्वाज सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। अर्बन हेल्थ सेंटर पर लगे कैंप में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। जिसमें टोटल 455 मरीज रजिस्टर्ड हुए, जिसमें से 125 का मलेरिया की जांच की गई, जिसमें से 7 पीवी पॉजिटिव पाए गए।


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