दुनिया की हर फुटबॉल टीम का ये सपना होता है कि वो लाइफ में एक बार फीफा विश्व कप की ट्रॉफी को अपने हाथों में लेकर उठाए पर हर कोई इतना लकी नहीं होता. ये तो सभी को पता है कि जो ये विश्व कप जीतता है उसे ये ट्रॉफी मिलती है पर क्या आप ये जानते हैं कि असल में ये ट्रॉफी क्या है? कहां से आई है? या फिर इसका नाम क्या है. अगर आप को नहीं पता है तो आइए हम आपको बताते हैं आखिर क्यों फीफा विश्व कप की ये ट्रॉफी है इतनी स्पेशल


क्यों बदला गया नामफीफा विश्व कप की शुरुआत 1930 में उरुग्वे में हुई थी. जहां पहली बार इस ट्रॉफी को दुनिया के सामने लाया गया था और होम टीम उरुग्वे ने ही पहली बार फीफा जीत कर उठाया था. फीफा की इस ट्रॉफी का असल में नाम विक्ट्री था जो कि ग्रीक की देवी 'विक्ट्री' के नाम पर रखा गया था. ये ट्रॉफी चांदी की बनी हुई थी जिसके ऊपर गोल्ड प्लेटिंग थी. हालांकि बाद में फीफा के फॉर्मर प्रेसीडेंट के सम्मान में इसका नाम बदल कर 'जूल्स रिमट' रखा गया. कैसी है ये ट्रॉफी
फीफा वलर्ड कप ट्रॉफी दुनिया के सामने पहली बार 1974 फीफा विश्व कप में लाई गई. इस ट्रॉफी का वजन 6.1 कि.ग्रा है और ये प्योर 18 कैरेट गोल्ड से बनाई गई थी. इसको बनाने के पहले कई बार इसकी डिजाइन को चेंज किया गया और फाइनली स्टैब्लिमेंटो आर्टिस्टिको बर्टोनी नाम की कंपनी की डिजाइन को चूज किया गया. ट्रॉफी की इस डिजाइन में दो मानव दुनिया को हाथों में लिए हुए हैं. फिलहाल ये ट्रॉफी फीफा 2010 की विनिंग टीम स्पेन के पास है

Posted By: Subhesh Sharma