घनी आबादी में बने एनीमल फूड गोदाम में लगी आग टला बड़ा हादसा

2019-07-15T11:00:49Z

5 बजे सुबह भड़की आग, बमुश्किल बुझाई गई

4 घंटे तक चला आग बुझाने का काम

2 फायर कर्मी आग बुझाने में घायल

20 साल पहले बने बने गोदाम के ओनर के पास नहीं निकली एनओसी

300 गज में बने गोदाम में आग ने पकड़ा था विकराल रूप

- शॉर्ट सर्किट से लगी आग, गोदाम के पास ही बना है खुशलोक हॉस्पिटल

- मशीने व फर्नीचर जला, करीब सात लाख का हुआ नुकसान

बरेली : शहर की घनी आबादी वाले मोहल्ला हजियापुर में संडे सुबह बंद पड़े मेसर्स जेबीडी इंटरप्राइजेज एनीमल फूड गोदाम में आग लग गई। गोदाम से चंद कदम की दूरी पर ही खुशलोक हॉस्पिटल है। गनीमत रही की आग हॉस्पिटल तक नहीं पहुंची वरना बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना पर मौके पर पहुंचे गोदाम संचालक ने जब तक फायर विभाग को सूचना दी तब तक आग गोदाम के तीन कमरों में फैल चुकी थी। फायर विभाग की टीम ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान दो फायर कर्मी घायल भी हो गए।

बिना एनओसी के चल रहा गोदाम

घनी आबादी के बीच पिछले करीब 20 साल से बने इस गोदाम ओनर से फायर विभाग के अधिकारियों ने जब फायर विभाग की एनओसी के बारे में पूछा तो उसने एनओसी लेने की बात से साफ इनकार कर दिया। वहीं, हैरत की बात तो यह है कि गोदाम में किसी भी प्रकार के फायर फाइटिंग उपकरण तक नहीं लगे मिले।

तीन माह से बंद पड़ा था गोदाम

इस गोदाम में एनीमल फूड बनाने का काम किया जाता था। आसपास के लोगों की मानें तो पिछले तीन माह से गोदाम मे किसी प्रकार की गतिविधि नहीं हो रही थी। वहीं, ओनर ने भी गोदाम तीन माह से बंद होने की पुष्टि की है।

सात लाख का हुआ नुकसान

गोदाम ओनर मयंक मित्तल ने बताया कि आग से करीब सात लाख की मशीनें और फर्नीचर जलकर राख हो गया। फायर डिपार्टमेंट के अफसरों की मानें तो गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। इसके बाद आग वहां रखे जेनरेटर तक पहुंच गई। जेनरेटर के टैंक में डीजल होने के कारण इसमें ब्लास्ट होने से आग और विकराल हो गई, इसके चलते दो घंटे में ही 300 गज में बना गोदाम जलकर राख हो गया।

दस कदम की दूरी पर था अस्पताल

जिस स्थान पर गोदाम बना हुआ है उसके बराबर में ही खुशलोक हॉस्पिटल है। गनीमत रही कि आग हॉस्पिटल तक नही पहुंची वरना कई लोगों की जान जा सकती थी। उस समय मरीजों समेत करीब 400 लोग हॉस्पिटल में मौजूद थे।

फायर कर्मी हुए घायल

आग पर काबू पाने के दौरान लीड फायर मैन उत्तम सिंह और दारोगा राम रक्षपाल गंभीर रूप से घायल हो गए, उत्तम सिंह की उंगली में टीन का टुकड़ा लगा जिससे उंगली कट गई वहीं, राम रक्षपाल की उंगली में फ्रैक्चर हो गया।

क्या कहना है गोदाम ओनर का

गोदाम तीन माह से बंद था। यहां कोई काम करने नहीं आता था। शॉर्ट सर्किट से आग भड़की।

मयंक मित्तल।

वर्जन

गोदाम में शार्ट सर्किट से आग लगी थी। विभाग को देर से सूचित किया हालांकि टीम ने कड़ी मेहनत कर आग पर काबू पाया। पास में ही हॉस्पिटल था, गनीमत रही आग की जद में हॉस्पिटल नहीं आया। दो फायर कर्मी भी घायल हुए हैं। गोदाम ओनर के पास एनओसी नहीं थी।

सोमदत्त सोनकर, एफएसओ


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