पहले सील फिर ढीलअब बचा रहे जान

2019-08-23T06:00:26Z

मिलावटी पेट्रोल के मामले में बैकफुट पर आई पुलिस

सैंपल लेने के नाम पर डीएसओ ने हटाई सील, दिनभर रही चर्चा

पुलिस कार्रवाई के आड़े आया पूर्ति विभाग, सैंपल जांच के लिए भेजे

Meerut। तीन पेट्रोल पंपों को सील करने की कार्रवाई के बाद पुलिस और पूर्ति विभाग आमने-सामने आ गए हैं। मेरठ में मिलावटी पेट्रोल की धरपकड़ के बाद पुलिस ने 3 पेट्रोल पंप सील किए। देर रात्रि सैंपल लेने के नाम पर जिला पूर्ति विभाग ने पंप से सील हटा दी, जिसके बाद डीजल-पेट्रोल की बिक्री शुरू हो गई। सील लगाने और हटाने के इस केस में पुलिस और पूर्ति विभाग एक दूसरे के पाले में गेंद फेंकते रहे। हालांकि तीनों पेट्रोल पंपों से गुरुवार पेट्रोल और डीजल की बिक्री आम दिनों की तरह चलती रही।

3 पंपों को किया था सील

मेरठ में नकली पेट्रोल की धरपकड़ के बाद पुलिस की पूछताछ में कुछ ऐसे पंप के नाम उजागर हुए, जहां मिलावटी पेट्रोल की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद बुधवार को आईजी मेरठ रेंज आलोक सिंह के आदेश पर पुलिस ने अजंता पेट्रोल पंप रोडवेज बस स्टैंड, अजंता पेट्रोल पंप टीपी नगर और पीपी मोटर्स बेगमपुल तीन पेट्रोल पंपों को सील कर दिया। क्राइम ब्रांच की अगुवाई में अभियान चलाकर पेट्रोल पंपों को मिलावटी तेल की ब्रिकी के आरोप में सील किया गया था। पुलिस अन्य पंपों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही थी कि बुधवार शाम जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम के नेतृत्व में पहुंची पूर्ति विभाग की टीम ने तीनों पेट्रोल पंपों से डीजल-पेट्रोल के सैंपल लिए और मशीनों पर लगी सील हट गई। नाटकीय घटनाक्रम के बाद सील के हटने पर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया तो वहीं डीएसओ का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई पूर्ति विभाग की ओर से नहीं की गई।

पुलिस को नहीं है अधिकार

जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक डीजल-पेट्रोल पंप से सैंपल लेने, उसे सील करने के लिए एक कमेटी होती है। जिसमें संबंधित ऑयल कंपनी के सेल्स अफसर, मापतौल विभाग के प्रतिनिधि, जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी और पुलिस मौजूद रही है। पुलिस को सीलिंग का अधिकार नहीं है। इसके अलावा सीलिंग की कार्रवाई करने से पहले पुलिस ने न तो डीएसओ को जानकारी दी और न ही पूर्ति विभाग समेत अन्य को शामिल किया। आनन-फानन में सीलिंग की कार्रवाई के बाद एसएसपी कार्यालय से डीएसओ को तीनों पेट्रोल पंप से सैंपल लेने के लिए कहा गया। जिसके बाद बुधवार शाम पहुंची पूर्ति विभाग की टीम ने तीनों पंपों से डीजल-पेट्रोल के सैंपल लिए और जांच के लिए गाजियाबाद स्थित लैबोरेटरी में भेजा।

दिनभर चला घटनाक्रम

बुधवार रात्रि पेट्रोल पंपों से सील हटने के बाद जहां डीजल-पेट्रोल की बिक्री शुरू हो गई तो वहीं घटनाक्रम दिनभर चर्चा में रहा। पेट्रोल पंप संचालक और मेरठ पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश जैन ने डीएसओ से एमडीए स्थित कार्यालय में मुलाकात की। वहीं पेट्रोल पंपों को सील करने के दावे से गुरुवार पुलिस मुकर गई।

पेट्रोल पंपों से सैंपल लिए गए हैं। सैंपल जांच में फेल होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल को हटाया न जा सके, इसलिए बिक्री को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने पंपों का सील नहीं किया था।

अजय कुमार साहनी, एसएसपी

पेट्रोल पंपों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की हमें जानकारी नहीं दी गई। शासनादेश के मुताबिक डीजल-पेट्रोल पंप से सैंपल लेने, उसे सील करने के लिए एक कमेटी होती है। जिसमें संबंधित ऑयल कंपनी के सेल्स अफसर, मापतौल विभाग के प्रतिनिधि, जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी और पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहते हैं। पूर्ति विभाग ने न ही सील लगाई और न ही हटाई।

विकास गौतम, डीएसओ, मेरठ

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मिलावट की पुष्टि के बाद पेट्रोल पंप को सील किया जाता है। फिलहाल पूर्ति विभाग की टीम ने सैंपल ले लिए हैं। मिलावट की पुष्टि से पहले सीलिंग की कार्रवाई नियम विरुद्ध है। अधिकारियों के समक्ष स्थिति को स्प्ष्ट कर दिया गया है।

-राकेश जैन, अध्यक्ष, पेट्रोल पंप संचालक एसो। मेरठ एवं ऑनर अजंता पेट्रोल पंप


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