17वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन समेत इन चार ने ली संस्‍कृत में शपथ

2019-06-17T15:00:46Z

आज 17वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू हुआ जो 26 जुलाई तक जारी रहेगा। के पहले सत्र की शुरुआत होने से पीएम नरेंद्र मोदी व सांसदों ने शपथ ग्रहण की। इस दाैरान केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन समेत इन चार ने संस्‍कृत में शपथ ली।

नई दिल्ली (पीटीआई)। सोमवार को आज 17वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू हुआ है। इस सत्र में केंद्रीय बजट और ट्रिपल तलाक विधेयक सहित कुछ अन्य विधेयक पारित किए जाएंगे। मोदी सरकार 2.0 की के पहले सत्र की शुरुआत होने से पहले लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार ने सभी सांसदों को शपथ दिलाई। वहीं आज जब पीएम मोदी का नाम पुकारा गया एनडीए नेता "मोदी मोदी" और "भारत माता की जय" लगाते हुए मेज थपथपाने लगे थे।
इन चार ने संस्कृत में ग्रहण की शपथ

पीएम नरेंद्र मोदी ने हिंदी में शपथ ग्रहण की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी संस्कृत में शपथ ली। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी और श्रीपद नाइक ने भी संस्कृत में शपथ ली। केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कन्नड़ में, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने गुरमुखी में और केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने मराठी में शपथ ली। बीजद नेता मेहताब ने ओड़िआ में शपथ ग्रहण की।

इन सांसदों ने आज ग्रहण की है शपथ

वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, विदेश मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी शपथ ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, डॉक्टर हर्षवर्धन, साध्वी निरंजन ज्योति, बाबुल सुप्रियो, सांसद अश्वनी कुमार चौबे, किरण रिजिजू, जितेंद्र सिंह, गिरिराज सिंह, रमेश पोखरियाल समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने सांसद ने शपथ ली।
एक सक्रिय विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण
वहीं सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विपक्ष और एक सक्रिय विपक्ष की भूमिका संसदीय लोकतंत्र में महत्वपूर्ण मानी जाती है। विपक्ष को अपनी संख्या के साथ नहीं बल्कि सक्रियता दिखाते हुए सदन की कार्यवाही में भाग लेना चाहिए। वहीं उन्होंने सभी सांसदों से देश और राष्ट्र के बड़े हित से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष होकर काम करने का आग्रह किया।
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इस बार महिला सांसदों की संख्या अधिक
पीएम ने कहा कि जब हम संसद में आते हैं, तो हमें पक्ष (सत्ता) और विपक्ष भूल जाना चाहिए। निष्पक्ष भावना से मुद्दों के बारे में और देश की  भलाई के लिए काम करना चाहिए। पीएम ने यह भी कहा कि इस बार महिला सांसदों की संख्या अधिक है। मेरा अनुभव भी है कि जब संसद सुचारू रूप से कार्य करती है, तो हम देश के लोगों की कई आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होते हैं।


Posted By: Shweta Mishra

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