खाना तो खिला दिया पानी भी पिला दो बाबू

2016-08-24T07:41:11Z

- पानी के लिए तरस रहे बाढ़ पीडि़त, हो रही सरकारी उपेक्षा

- सुरक्षा को लेकर नहीं है पुख्ता इंतजाम, सड़क पर हो सकती है बड़री घटना

PATNA: गांधी सेतु के पास स्थित तेरसिया गांव के पास पानी से सटे बाढ़ पीडि़तों की भारी भीड़ जमीन पर बैठकर भोजन कर रही थी। इस बीच कांपती हुई आवाज आई बाबू खाना खिला दिए पानी भी तो पिला दो? भीड़ में सबकी नजर उस आदमी पर टिक गई। वह गांव का बूढ़ा मंगल था। घर में बिना पानी के एक भी निवाला अंदर नहीं जाता लेकिन मुश्किलों में पेट की आग बुझाने के लिए खा लेता है। वह कई बार पानी के लिए आवाज लगाया लेकिन उसे दो सौ मीटर दूर खड़े टैंकर के पास जाने का इशारा किया गया। बुढ़पा में चार कदम चलना भी मुश्किल था और उसे पानी के लिए इतना दूर भेजा जा रहा था। ये सरकारी व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी था।

- राहत के नाम पर औपचारिकता

प्रशासन राहत के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी कर रहा है। खाना से लेकर पानी तक। खाना के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं को लगाया गया है। आई नेक्स्ट टीम मंगलवार को बाढ़ पीडि़तों को मिलने वाली राहत की पड़ताल की तो कई चौकाने वाला खुलासा हुआ। टीम को एकता शांति फांउडेशन के वालंटियर मिले जिन्हें पीडि़तों को भोजन वितरण के लिए लगाया गया था। संस्था के अखिलेश कुमार और अन्य लोगों ने छोटे माल वाहन से खाना लाया और पीडि़तों को बांट दिया। आई नेक्स्ट टीम ने जब पानी को लेकर सवाल किया तो वह हाथ खड़ा कर लिए। संस्था के लोगों का कहना था कि खाना के साथ पानी लेकर चलना संभव नहीं। पानी के लिए पीडि़तों को कुछ परिश्रम कर टैंकर के पास जाना होगा।

- पूरा परिवार सड़क पर लिट्टी भूजा से भर रहा पेट

साहपुर में भीषण बाढ़ है और लोग गांव से पलायन कर सड़क पर गांधी के पास आ गए हैं। सड़क की पटरी पर ही पूरा परिवार रह रहा है। परिवार के मुखिया महेंद्र राय का कहना है कि सड़क पर पूरा परिवार असुरक्षित है। प्रशासन की तरफ से कोई राहत नहीं दी गई है। पानी के लिए तरस जाना पड़ रहा है। घर में हैंड पम्प का पानी पीते थे यहां आने के बाद बाढ़ का पानी पीने को मजबूर हैं। खाना से तो पेट ही नहीं भर रहा है। वह और उनका परिवार भूजा और लिट्टी से काम चला रहा है। उनका कहना है कि चावल और सोयाबीन की सब्जी दी जा रही है जिससे पेट नहीं भर रहा है।

- सड़क पर कभी हो सकता है बड़ा हादसा

गांधी सेतु के पास बाढ़ पीडि़त अधिक संख्या में सड़क की पटरियों पर सड़क लिए हैं। सोमवार की रात बड़ा हादसा होने से टला है। सड़क के किनारे रह रहे लोगों पर एक तेज रफ्तार ट्रक चढ़ने वाली थी। ट्रक चालक की सावधानी से घटना होने से बाल बाल बच गई। लोगों ने मंगलवार की सुबह प्रशासन से सुरक्षा की मांग की तो पुलिस के बैरिकेटिंग ट्राली लगाई गई। लेकिन अभी भी थोड़ी सी चूक होने पर दुर्घटना हो सकती है।


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