खिलाडि़यों को इंतजार फुटबॉल एकेडमी की दरकार

2018-06-10T06:00:28Z

अभिभावकों के मुताबिक सुविधाएं मिले तो मेरठ से भी निकलेंगे इंटरनेशनल खिलाड़ी

फुटबॉल को लेकर खिलाडि़यों में क्रेज लेकिन सुविधाएं नहीं

Meerut। क्रिकेट की तरह मेरठ में भी फुटबॉल को लेकर क्रेज है, लेकिन यहां पर स्टेडियम के अलावा कोई ग्राउंड नहीं है। जहां पर सही तरीके से फुटबॉल खेली जा सके। न ही कहीं पर कोई कोच है। जिससे बच्चे फुटबॉल के नियम व कानून को सीखें। अपने आप ही जैसे मन होता है किसी भी ग्राउंड में जाकर फुटबॉल खेलने लगते हैं। यह कहना है अभिभावकों का, जिनके बच्चों में फुटबॉल को लेकर खास क्रेज है।

यहां भी खुले फुटबॉल एकेडमी

क्रिकेट की तर्ज पर मेरठ में फुटबॉल की एकेडमी खुलनी चाहिए। जहां पर बच्चे जाकर फुटबॉल खेल सकें। नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर मेरठ का नाम रोशन कर सकें। सरकार भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देती है। यही कारण है मेरठ में स्टेडियम में अलावा कहीं पर भी फुटबॉल खेलने की सुविधा नहीं है।

फुटबॉल खेलने बच्चे रोज जाते है। कई बार शहर में जाकर पता किया है कि कोई एकेडमी हो तो वहां पर बच्चे को ज्वाइन करा दूं। जिससे ठीक तरीके से फुटबॉल खेल सके, लेकिन यहां पर न तो कोई ग्राउंड है और न ही कोई कोच है।

रविंद्र

बच्चों में फुटबॉल और क्रिकेट का ही सबसे ज्यादा क्रेज है। मेरा बेटा भी फुटबॉल खेलता है, लेकिन उसे ट्रेनिंग कहां कराई जाए। यहां पर तो कोई एकेडमी या फिर कोई कोच ही नहीं है। जिसके अंडर में बच्चे को ट्रेनिंग कराई जाए और व आगे बढ़ सके। सरकार की इस खेल की ओर भी ध्यान देना चाहिए।

संजय

फुटबॉल को लेकर बच्चों में बहुत क्रेज है। बच्चे घर से स्कूल में फुटबॉल तक लेकर जाते हैं। बस वहीं पर खेलकर आ जाते हैं। क्रिकेट की तरह सरकार को यहां पर कोई एकेडमी खोलनी चाहिए। जिससे फुटबॉल में भी बच्चे आगे बढ़ सकें। प्रतिभाओं की कमी नहीं है।

राजीव

Posted By: Inextlive

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