सिटी के पेड़ खुद बताएंगे अपना अतीत

2019-07-09T06:00:02Z

sweta.bhaskar@inext.co.in

PATNA : अब राजधानी के पुराने और ऐतिहासिक पेड़ों का संरक्षण किया जाएगा। पेड़ों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए उसके चारों तरफ चबूतरा बनाया जा रहा है। वन विभाग और पटना नगर निगम की इस कवायद से न सिर्फ पेड़ों को बचाया जाएगा बल्कि शहर की आबोहवा भी सुधरेगी। पेड़ों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग शहर में पेड़ों का सर्वे करवा रहा है।

पटना नगर निगम को सभी पेड़ों को संरक्षित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए ऑपरेशन चबूतरा

चलाया जा रहा है। इसमें सभी पेड़ों के चारों तरफ लाल ईट से चबूतरे का निमार्ण किया जा रहा है। पुराने पेड़ को जहां चबुतरे से संरक्षण मिलेगा वहीं नए पेड़ों को पहले और तार की जाली से संरक्षित किया जाएगा वहीं बाद में उसके आसपास भी चबूतरा बनाया जाएगा।

पेड़ों की पहचान होगी आसान

पेड़ों संरक्षित करने के बाद उसकी पहचान के लिए उसका इतिहास भी पेड़ के पास ही एक नोट में लिखा होगा। इसके साथ ही उस पर एक क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा। लेकिन तब तक पेड़ों को कोई नुकसान ना पहुंचे और किसी भी कारणवश उसे काटा ना जाए इसके लिए भी वन विभाग सचेत हो गया है।

बढ़ेगी शहर की सुंदरता

पटना में कई ऐतिहासिक पेड़ है जिनकी पहचान को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। किसी भी सूरत में पुराने पेड़ नहीं काटे जाएंगे। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह के निर्माण निर्माण से शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी। सचिवालय इलाके में पेड़ों को संरक्षित करने का काम हो चुका है। कहीं पर पुराने पेड़ नजर आएंगे तो उनको संरक्षित करके ही आगे का निर्माण किया जाएगा। अगर पेड़ को काटना बहुत ही जरूरी होगा तो उसे उखाड़ कर दूसरी जगह लगाया जाएगा।


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