पूर्व सीएम विधान सभा पर धरने पर बैठे

2019-12-08T05:45:50Z

- पूर्व सीएम अखिलेश ने विधानसभा के गेट नंबर 2 पर दिया सांकेतिक धरना

- बीजेपी दफ्तर घेरने पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को मिली पुलिस की लाठी

LUCKNOW :

गैंग रेप पीडि़ता की इलाज के दौरान शुक्रवार देर रात मौत के बाद शनिवार सुबह से ही राजधानी में विपक्षी नेताओं ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार से इंसाफ की मांग की है। जहां कांग्रेस ने विधानसभा और बीजेपी मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया, वहीं सपा अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव विधानसभा के सामने धरने पर बैठ गए। शनिवार को पूरे दिन विधानसभा के आसपास इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ।

अखिलेश बैठे धरने पर

शनिवार सुबह ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव पार्टी पदाधिकारियों के साथ विधानसभा के गेट नं। 2 पर सांकेतिक धरने पर बैठ गए। उन्होंने पीडि़ता को श्रद्धाजंलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी धारण किया। दिन भर चले हंगामे में सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस को खुब छकाया। सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कई बार धक्का-मुक्की भी हुई।

ऐसी घटना पहले कभी नहीं

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि उन्नाव की घटना बेहद दुखद है। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि यूपी में सीएम, डीजीपी और होम सेक्रेटरी के हटे बिना कानून व्यवस्था स्थापित नहीं हो सकती। इतनी दुखद निंदनीय घटना कहीं नहीं हुई होगी।

कांग्रेसियों का हल्ला बोल

दोपहर करीब 12 बजे अखिलेश के जाते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय पर हल्ला बोला तो कुछ कार्यकर्ता विधानसभा के सामने प्रदर्शन करने लगे। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सभी को खदेड़ा। कुछ देर बाद राजभवन की ओर जा रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने फिर लाठीचार्ज किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद, विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी संग तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने देर शाम हिरासत में ले लिया।

मायावती ने गवर्नर को दिया ज्ञापन

वहीं बसपा प्रमुख मायावती राजभवन में गवर्नर आनंदीबेन पटेल से मिलने गई। उन्होंने गवर्नर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने गवर्नर से उन्नाव गैंगरेप कांड व यूपी में बढ़ रहे महिला अपराधों पर हस्तक्षेप की मांग की। मायावती ने कहा कि जब पीडि़ता और उनका पीडि़त परिवार न्याय की गुहार लगाता है तो उनका भी मुंह बंद कर दिया जाता है।

मंगाई पुलिस फोर्स

विधानसभा के आसपास हो रहे हंगामे को देखते हुए तत्काल वहां अतिरिक्त पुलिसबल बुलाया गया। एसपी पूर्वी, एसपी क्राइम, एसपी नार्थ, सीओ गंज, सीओ गोमती नगर, सीओ कैसरबाग समेत कई थानों की पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाला। विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पूरे एरिया में जगह-जगह बैरीकेडिंग भी लगाई गई।

सवारियों को उतार दिया

कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी में पुलिस की बसें कम पड़ गई। पहले पुलिस की दो बसें कार्यकर्ताओं को रमाबाई स्थल ले गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर बसें कम पड़ीं तो गंज चौराहे पर रोडवेज बसों को रोककर सवारियां उतारी गई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उन बसों से रमाबाई स्थल भेजा गया।

प्रदर्शन से गंज में लगा जाम

शनिवार सुबह से धरना-प्रदर्शन के चलते गंज चौराहा जाम रहा। लोगों का यहां से निकलना तक मुश्किल हो गया। रोड पर खड़ी नेताओं की गाडि़यों ने यहां ट्रैफिक पूरी तरह थाम दिया। शनिवार को बहुत से ऑफिस बंद थे, इसके बाद भी गंज में लगे जाम का असर आसपास के एरिया में भी दिखाई दिया।

Posted By: Inextlive

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.