दिल्ली हिंसा में मारे गए हेड कांस्टेबल को 1 करोड़ का मुआवजा: केजरीवाल

Delhi Violence पूर्वोत्तर दिल्ली में सीएए को लेकर भड़की हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 22 पहुंच गई है। हिंसा प्रभावित इलाकों में परीक्षाएं स्थगित हैं स्कूल काॅलेज बंद हैं।

Updated Date: Wed, 26 Feb 2020 06:47 PM (IST)

नई दिल्ली (एजेंसियां)। Delhi Violence देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों हालाल बेहद गंभीर हैं। यहां सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया है। अब तक यहां पर 22 लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा प्रभावित इलाके में सीबीएसई ने आज 10वीं और 12वीं की परीक्षा स्थगित कर दी है। सभी निजी और सरकारी स्कूल बंद हैं। पुलिस लगातार हालात पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी तैनात हैं।

दिल्ली हिंसा में मारे गए हेड कांस्टेबल को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा: केजरीवाल

दिल्ली सरकार उत्तर-पूर्व दिल्ली में हिंसा में मारे गए हेड कांस्टेबल रतन लाल के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देगी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को घोषणा की। दिल्ली विधानसभा में उन्होंने कहा, 'दिल्ली सरकार की नीति के अनुसार, हम हेड कांस्टेबल रतन लाल के परिवार को 1 करोड़ रुपये देंगे।'केजरीवाल मंगलवार को लाल के परिवार से मिलने गए थे। केजरीवाल ने कहा, 'नफरत और हिंसा की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दिल्ली का आम आदमी हिंसा में लिप्त नहीं था। बाहरी लोग, कुछ राजनीतिक तत्व इसमें शामिल हैं।' केजरीवाल ने कहा।

कांग्रेस का पीस मार्च

महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को दिल्ली में हिंसा के खिलाफ एआईसीसी मुख्यालय से पार्टी की ओर से आयोजित पीस मार्च में भाग लिया। प्रियंका के अलावा, मार्च में शामिल होने वाले अन्य वरिष्ठ नेताओं में मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल, पीएल पुनिया, रणदीप सुरजेवाला, राजीव गौड़ा, शक्तिसिंह गोहिल, अजय सिंह लल्लू (यूपी कांग्रेस प्रमुख), मणिशंकर अय्यर, सुष्मिता देव, कृष्णा तीरथ और सुभाष चोपड़ा शामिल थे। यहां तीज जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति तक मार्च 24, अकबर रोड पर पार्टी के मुख्य कार्यालय से शुरू हुआ। हालांकि, नेताओं को पुलिस द्वारा गांधी स्मृति पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।

बीजेपी नेताओं पर हेट स्‍पीच के लिए एफआईआर दर्ज करने पर फैसला लें

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह सीएए हिंसा के संबंध में तीन बीजेपी नेताओं द्वारा कथित घृणा फैलाने वाले भाषणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में फैसला ले और गुरुवार तक अवगत कराए। बीजेपी के ये तीन नेता हैं - कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा। जस्टिस एस मुरलीधर और अनूप जे भंभानी की पीठ ने विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन द्वारा आश्वासन को रिकॉर्ड में लिया कि वह आज खुद पुलिस कमिश्नर के साथ बैठेंगे और सभी वीडियो क्लिप देखेंगे और एफआईआर दर्ज करने के बारे में निर्णय लेंगे। उच्च न्यायालय ने केंद्र द्वारा दायर की गई याचिका पर संबंधित पक्षों को भी नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।

अजीत डोभाल ने बैठक कर लिया हालात का जायजा

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बुधवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा में 22 लोगों के मारे जाने के बाद स्थिति का जायजा लिया। डोभाल ने दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ पुलिस उपायुक्त (पूर्वोत्तर) के कार्यालय में एक बैठक की। डोभाल ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि दंगा प्रभावित पूर्वोत्तर दिल्ली में स्थिति नियंत्रण में है। पूर्वोत्तर दिल्ली में तीन दिन पहले भड़की सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 22 लोग मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए। मुख्य रूप से दंगों से प्रभावित क्षेत्रों में जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, यमुना विहार, भजनपुरा, चांद बाग, शिव विहार शामिल हैं। मंगलवार देर रात को, उत्तर-पूर्व दिल्ली में हिंसा भड़कने के बाद डोभाल ने दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की थी।

मरने वालों की संख्‍या 22 हुई

जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, संशोधित नागरिकता कानून को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मरने वालों की संख्‍या बुधवार को 22 हो गई। मंगलवार को मौत का आंकड़ा 13 था। जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुनील कुमार गौतम ने कहा, 'मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।' एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 22 मृतकों में से चार को लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल से गुरु तेग बहादुर अस्पताल लाया गया।

HC की दिल्ली पुलिस को फटकार

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की क्लास लगाई। दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को तत्काल एक्शन में आने को कहते हुए कहा कि पुलिस को पीड़ितों के दर्द पर मरहम लगाए। हिंसा वाले इलाकों में जाकर लोगों से मिले जिससे राजधानी में हालात जल्द से जल्द सामान्य हों। इतना ही नहीं हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि हम दिल्ली में एक और 1984 जैसे हालात नहीं होने देंगे।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर की दिल्‍लीवासियों से शांति की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ट्वीट कर दिल्‍लीवासियों से शांति की अपील की है। उन्‍होंने अपने ट्वीट संदेश में लिखा कि 'शांति एवं सद्भाव हमारे लोकाचार का हिस्‍सा है। मैं दिल्‍ली के अपने बहनों व भाइयों से अपील करता हूं कि हर हाल में शांति व भाईचारा बनाए रखें। यह जरूरी है कि जितनी जल्‍दी हो सके शांति व माहौल सामान्‍य बने।' एक अन्‍य ट्वीट में उन्‍होंने कहा है कि 'दिल्‍ली के विभिन्‍न हिस्‍सों में ताजा हालात के बारे में गहन समीक्षा की है। पुलिस व अन्‍य एजेंसियां जमीन पर शांति व हालात को सामान्‍य बनाने के लिए काम कर रही हैं।'

Peace and harmony are central to our ethos. I appeal to my sisters and brothers of Delhi to maintain peace and brotherhood at all times. It is important that there is calm and normalcy is restored at the earliest.

— Narendra Modi (@narendramodi) February 26, 2020दिल्ली सीएम ने की सेना की डिमांड

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि सेना को बुलाया जाना चाहिए क्योंकि पूर्वोत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों में हुई हिंसा के बाद पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में असमर्थ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति खतरनाक हो गई है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा है। सीएम केजरीवाल ने ट्वीट किया, मैं पूरी रात लोगों के संपर्क में रहा। स्थिति भयावह है। पुलिस अपने सभी प्रयासों के बावजूद, स्थिति को नियंत्रित करने में विफल करने में असमर्थ है।

दिल्ली हाईकोर्ट कोर्ट ने CBSE से पूछा प्लान

CBSE ने दिल्ली में हिंसा के चलते बुधवार को होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षा स्थगित कर दी है। सीबीएसई द्वारा हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर दिल्ली में स्थगित की गई बोर्ड परीक्षा का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच चुका है। इस मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई से कहा है कि पूर्वोत्तर दिल्ली में उसका जो भी प्लान है कि उसके बारे में आज दोपहर 2.15 बजे से सूचना दे।

दिल्ली से सटे इलाकों की सीमाओं को सील कर दिया गया

Delhi Violence पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल ने आज सुबह मीडिया को जानकारी दी गई कि 4 और लोगों की माैत हो गईं। ऐसे में पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या बुधवार को 17 तक पहुंच गई। यहां पर हालातों पर काबू पाने का प्रयास जारी है। पूर्वोत्तर दिल्ली से गाजियाबाद की ओर जाने वाली सभी सड़कों को भी सील कर दिया है। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अजय कुमार पांडे ने कहा दिल्ली में हिंसा को ध्यान में रखते हुए हमने सीमाओं को सील कर दिया है। हमारे जिले में शांति है। हमने आसपास के इलाकों में शराब की सभी दुकानें बंद कर दी हैं।

दिल्ली में दंगों पर तुरंत काबू करने के निर्देश दिए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घायल शाहदरा डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) अमित शर्मा के परिवार से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इससे पहले मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हिंसा और मौजूदा हालात को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक और अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ बैठक की अध्यक्षता की थी। अमित शाह ने प्रशासनिक अफसरों से पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगों को तुरंत काबू करने के निर्देश दिए हैं।

पूर्वोत्तर दिल्ली में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात

बता दें कि सोमवार से पूर्वोत्तर दिल्ली में सीएए के समर्थन करने वाले और विरोध करने वालों के बीच हिंसा जारी है। यहां के जाफराबाद, करावल नगर, मुस्तफाबाद, चांदबाग, नूरे इलाही, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, बाबरपुर, कर्दमपुरी, सुदामापुरी, घोंडा चौक और भजनपुरा समेत इलाके हिंसा की चपेट में है। बीते तीन दिनों से यहां तनाव जारी है। हालातों को देखते हुए यहां पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। आज पूर्वोत्तर दिल्ली में सभी निजी और सरकारी स्कूल भी बंद हैं।

Posted By: Shweta Mishra
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