KYC अपडेट करने के नाम पर लगा रहे बैंक अकाउंट में सेंध रहें अलर्ट बरतें सावधानियां

2019-01-14T16:10:51Z

'केवाईसी अपडेट रिक्वेस्ट' के नाम पर आजकल साइबर अपराधियों ने फ्रॉड का नया तरीका इजाद किया है। यहां पढ़ें वाे कैसे लोगों को बना रहे अपना शिकार

ranchi@inext.co.in
RANCHI: एटीएम कार्ड ब्लॉक करने का हवाला देते हुए फोन पर ही ओटीपी मांगकर खाते से पैसे निकालने की घटनाएं आम हो जाने के बाद साइबर अपराधियों ने फ्रॉड का नया तरीका इजाद किया है। यह है 'केवाईसी अपडेट रिक्वेस्ट'। सूबे के जामताड़ा जिले में बैठे साइबर अपराधी अब लोगों को लूटने की इस नयी तरकीब के साथ बैैंक खाते खाली कर रहे हैैं। हाल ही में इसके शिकार बने वरिष्ठ पत्रकार विजय पाठक के खाते से साइबर अपराधियों ने 1 लाख 18 हजार 800 रुपये की निकासी कर ली। इस मामले में झारखंड पुलिस के साइबर क्राइम सेल को कामयाबी हाथ लगी है। फर्जी बैैंक मैनजर बनकर खाते से पैसों की निकासी करने वाले अपराधी नीरज कुमार अम्बष्ठ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने कांड में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली है।
रिमांड में लेगी पुलिस
समीर मंडल की इस मामले में प्रमुख भूमिका है। वह अभी जामताड़ा जेल में एक अन्य मामले में बंद है। उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। वैसे, अभी तक श्री पाठक के खाते से ट्रांसफर की गई पूरी राशि में से केवल 45 हजार रुपए की ही रिकवरी की बात सामने आई है।
मोबाइल नंबर से पकड़े गए अपराधी
श्री पाठक के खाते से साइबर अपराधियों ने 29.11.2018 और 01.12.2018 को कुल 1.18 लाख रुपये की निकासी की थी। ये पैसे 19 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए थे। इस संबंध में रांची के सदर थाने में एफआईआर 637-18 दर्ज किया गया था। मामले का अनुसंधान साइबर सेल की डीएसपी यशोधरा कर रही थीं। उन्होंने फर्जीवाड़े के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर (7808796979) को ट्रेस किया, तो इसका स्थाई लोकेशन जामताड़ा पाया गया।
जामताड़ा व वेस्ट बंगाल में छापेमारी
लोकेशन जानने के बाद व प्राइमरी क्लू के आधार पर ही जामताड़ा और पश्चिम बंगाल में कई जगह छापेमारी की गई। तकनीकी मदद से साक्ष्य के आधार पर जामताड़ा से ही पहले समीर मंडल नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ हुई, तो उसने इस अपराध मेंं अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके साथ ही उसने अपने साथियों के नाम भी उगल दिए।
मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड जलाया
समीर की निशानदेही पर जामताड़ा से ही साइबर अपराधी दीपक अंबष्ठ को गिरफ्तार किया गया। 35 वर्षीय अंबष्ठ ने पूरी कहानी पुलिस के सामने बता दी। उसने बताया कि समीर की गिरफ्तारी के बाद उसने ही फ्रॉड के लिए इस्तेमाल सिम कार्ड, मोबाइल और एटीएम कार्ड जलाकर अजय नदी में फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस ने तलाशी ली, तो नदी से ही जले हुए सिम, मोबाइल और एटीएम कार्ड के अवशेष मिले।

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