रोडवेज की आधी कमाई में इनका है हिस्सा

2018-10-17T08:48:51Z

रोडवेज की कमाई में आधा हिस्सा अपने जेब में डालने के लिए कंडक्टर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं

- मार्ग पत्र में खेल करते पकड़ाया कंडक्टर

- दिल्ली रूट की बसों में कर रहे हैं पैसों का घपला

- हर महीने लगा रहे लाखों का चूना

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR : रोडवेज की कमाई में आधा हिस्सा अपने जेब में डालने के लिए कंडक्टर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. परिवहन निगम की कमाई में सेंध लगाने के लिए वे हर तरह का पैतरा अपना रहे है. जबकि परिवहन निगम के जिम्मेदार इन पर कार्रवाई करने बजाए केवल जांच करके कोरम पूरा कर रहे हैं. दिल्ली रूट की एक बस में कंडक्टर के द्वारा मार्गपत्र के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. जिसमे कंडक्टर ने मार्गपत्र में पैसेंजर्स की संख्या कम करके पैसों का खेल किया है. जिसके बाद एआरएम ने कंडक्टर को बस से उतारकर मार्गपत्र को जांच के लिए भेज दिया है.

लम्बी दूरी की बसों में चलता है खेल
ईटीएम मशीन से छेड़छाड़ का मामला हो या फिर मार्ग पत्र पर ओवर राइटिंग का मामले ये सब अधिकतर लम्बी दूरी की यात्रा वाले बसों में होते हैं. गोरखपुर डिपो की दिल्ली जाने वाली बस में 13 अक्टूबर को एक मामला पकड़ा गया. जिसके बाद संविदा कंडक्टर विजय तिवारी को बस से उतारा गया है. विजय पर आरोप है कि वह 7 अक्टूबर को गोरखपुर से बस लेकर दिल्ली के लिए निकला. उसके बाद 10 अक्टूबर को वापस आकर उसने 13 को मार्ग पत्र जमा किया. मार्ग पत्र की जांच में पाया गया कि उसमें ओवर राइटिंग की गई है. सूत्रों के अनुसार कंडक्टर एक केमिकल से पैसेंजर्स की संख्या मार्ग पत्र से मिटाकर उनके पैसे अपनी जेब में डालते हैं.

पांच कंडक्टरों की पहले से चल रही जांच
अभी हाल ही में गोरखपुर रीजन के देवरिया डिपो में ईटीएम मशीन से छेड़छाड़ की शिकायत पर पांच कंडक्टरों को बस से उतारा गया था. जिसके बाद परिवहन निगम के हाथ पांव फूल गए थे. जिम्मेदारों ने उसके बाद से चेकिंग भी बंद कर दी, उनका सोचना था कि कहीं और मामले ऐसे मिल जाएंगे तो गाडि़यां भी खड़ी हो जाएंगी.

लाखों का लगा रहे चूना
सूत्रों की माने तो इस तरह के मामले लम्बी दूरी की बसों में किए जाए रहे हैं. ये खेल काफी पहले से रोडवेज की बसों में चल रहा है. कंडक्टरों के इस कारनामे की वजह से हर महीने परिवहन निगम को लाखों का घाटा हो रहा है.

एक मामला पकड़ा गया है. जिसके बाद से जांच की जा रही है. अगर कंडक्टर द्वारा मार्ग पत्र में छेड़छाड़ पाया गया तो उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी.
केके तिवारी, एआरएम गोरखपुर डिपो


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