ग्लोबल हुए झारखंड के अन्नदाता

2018-11-30T06:00:43Z

-रांची के खेलगांव में दो दिनी ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट का शुभारंभ

गुरुवार का दिन झारखंड के लिए ऐतिहासिक रहा। वो इसलिए क्योंकि यहां के अन्नदाता यानी किसान ग्लोबल हो गए। इसका फायदा यह होगा कि रांची की एतवारी के उपजाए टमाटर से लेकर मटर तक अब सिंगापुर में बिकेंगे। खूंटी का बुधवा जो कटहल उपजाएगा वो मंगोलिया के बाजार में भी बिकेगा। पूरे राज्य के किसानों को अपने प्रोडक्ट्स बेचने के लिए ग्लोबल प्लैटफॉर्म मिल गया है, जिससे उनको सही कीमत भी मिल पाएगी। ई-मार्केट से झारखंड की 19 मंडियों को जोड़ दिया गया है, जिसकी घोषणा खुद सीएम ने की। उन्होंने कहा कि ई-मार्केट से जुड़ने से झारखंड के किसान लूटे नहीं जाएंगे। रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में दो दिवसीय ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया। समिट के कई घोषणाओं के साथ कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी गई। इस आयोजन में ट्यूनीशिया, मंगोलिया, इजराइल और फिलिपींस भी सहभागी हैं। इस समिट में 16 राज्य के लगभग 10 हजार किसान शामिल हुए, जबकि देश-विदेश की कई कंपनियों के 1800 डेलीगेट्स भाग ले रहे हैं।

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सिंगापुर में बिकेगा खूंटी का कटहल

झारखंड में फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के खुलने का असर दिखने लगा है। मदर डेयरी के उत्पाद सफल के बिजनेस हेड प्रदीप्त कुमार साहू ने बताया कि खूंटी से एक कंटेनर कटहल का ऑर्डर कंपनी को सिंगापुर से मिला है। अगले कुछ महीनों में यह ऑर्डर डिस्पैच कर दिया जाएगा। मदर डेयरी ने दो वर्ष पूर्व नगड़ी में 27 एकड़ भूखंड पर फूड प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआत की थी जो अब बनकर तैयार है। यहां से कटहल फ्रोजेन फॉर्म में भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि सौ करोड़ का निवेश कंपनी ने किया है और अब टमाटर, मटर से लेकर अमेरिकन स्वीट कॉर्न तक की खरीदारी झारखंड से हो रही है। कंपनी के प्रोत्साहन पर ही कुछ किसानों ने अमेरिकन स्वीट कॉर्न की खेती भी शुरू कर दी है। झारखंड में टमाटर का उत्पादन 13 लाख टन होता है और इस वर्ष से एक लाख टन टमाटर की प्रोसेसिंग कंपनी शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि कंपनी यह साबित कर देगी कि कृषि का मतलब खुशी होता है। नगड़ी में कंपनी के प्लांट से लगभग 50 हजार किसान जुड़ेंगे।

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सीएम की घोषणाएं-

-किसानों को 0 परसेंट ब्याज पर लोन, एक साल में करना होगा चुकता।

-अगले साल भी फसल बीमा का प्रीमियम चुकाएगी सरकार

-अप्रैल-मई 2019 से किसानों के लिए होगा अलग फीडर

-तीन सालों में 28 लाख किसानों को मोबाइल देगी सरकार

-90 परसेंट सब्सिडी पर महिलाओं को दो गाय

-50 परसेंट सब्सिडी डेयरी खोलनेवालों को

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समिट पर नजर

- 50 फूड प्रोसेसिंग प्लांट की रखी गई आधारशिला

- 271 करोड़ है इन्वेस्टमेंट का टारगेट

-06 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

-16 राज्य के 10 हजार किसान हुए शामिल

-18 सौ डेलीगेट्स देश-विदेश के ले रहे हैं भाग


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