मशहूर चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन की सौवीं जयंती पर आज गूगल उनका डूडल बनाकर उन्‍हें सच्‍ची श्रद्धांजलि दे रहा है। 17 सितंबर 1915 को महाराष्ट्र के में जन्में मशहूर चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन 9 जून 2011 को इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं। कला के प्रति मकबूल फिदा हुसैन में अलग ही ललक देखी जाती रही है। जिसकी वजह से वह भारत के 'पिकासो' भी कहे गए।


भारत का 'पिकासो'मशहूर चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन की 100वीं जयंती पर आज गूगन ने अपना डूडल बनाया है। इसमें आज मशहूर चित्रकार मकबूल फिदा हुसैन का चित्र साफ दिख रहा है। 1940 के करीब में अपना करियर शुरू करने वाले हुसैन ने शुरुआती दिनों में फिल्मों के बिलबोर्ड पेंट किए थे। उन्होंने अपने जीवन में कई सारे उतार चढाव भी देखे, लेकिन अपनी मेहनत और लगन के दम पर वह आगे बढ़ते गए। सबसे खास बात तो यह है कि हुसैन के नाम के बीच 'फिदा' शब्द कला के प्रति उनके समर्पण भाव को बयां करता है। इतना ही नहीं उनकी कला की गहराई की वजह से ही उन्हें भारत का 'पिकासो' कहा जाता था। हुसैन भारत के चर्चित और सबसे महंगे चित्रकारों में गिने गए हैं। उनकी बनाई पेंटिंग्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी काफी सराहना मिली है। 20 लाख डॉलर से अधिक
हुसैन की पेटिंग्स ने कई नीलामियों में काफी अच्छी कीमत अदा की है। जी हां उनके बहुत से चित्रों ने 20 लाख डॉलर से अधिक तक की कमाई की है। सबसे खास बात तो यह है कि सैन की घोड़े सीरीज की पेंटिंग्स काफी फेमस हुई थी। बॉलीवुड से भी हुसैन का गहरा नाता रहा है। फिल्म 'हम आपके हैं कौन' देखने के बाद हुसैन माधुरी की अदायगी के दीवाने हो गए थे। इसके साथ ही वह तब्बू, विद्या बालन, अमृता राव और अनुष्का शर्मा जैसी फिल्म अभिनेत्रियों के भी बड़े फैन थे। अपने जीवन काल में हुसैन ने कई बड़े पुरस्कार व सम्मान भी हासिल किए हैं। हुसैन को 1953 में पद्म श्री, 1973 में पद्म भूषण और 1991 में पद्म विभूषण से सम्मानित प्राप्त हुआ था। इसके अलावा वह कई बड़े विवादों में भी लंबे समय तक उलझे रहे।

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Posted By: Shweta Mishra