तमाम कोशिश के बाद वाटर लागिंग में फेल निगम

2019-07-14T06:01:01Z

-महानगर में चारों तरफ जल जमाव से जूझ रही पब्लिक

-कई मेयर आए, योजनाएं बनी, फिर भी पब्लिक को नहीं मिली निजात

GORAKHPUR: वर्षो से महानगर को जल-जमाव से मुक्त कराने के लिए तमाम कोशिश की गई। कई मेयर आए, वाटर लागिंग पर योजनाएं बनाई लेकिन पब्लिक को जल जमाव से छुटकारा नहीं मिल सका। हर बार बरसात में शहर में चारों तरफ पानी-पानी हो जाता है और पब्लिक को जलभराव की दुश्वारियों से गुजरना पड़ता है। फिर भी उन्हें निजात दिलाने के लिए दावे किए जाते हैं।

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नालों पर अतिक्रमण बनी समसस्या

शहर में छोटे और बड़े नालों में अतिक्रमण है। अतिक्रमण की वजह से जलभराव की स्थिति हैं। यदि समय रहते अतिक्रमण को हटाया जाता तो यह समस्या नहीं आती। हमारे समय में फरवरी में नालों की सफाई होती थी। विशेष अभियान चलाकर समय रहते नालों की सफाई कराई जाए। शहर में सीवरज सिस्टम पर काम किया जाए और उसे समय से पूरा कराया जाए तो जल-जमाव से लोगों को राहत मिलेगी।

पवन बथवाल, पूर्व मेयर

महानगर में जल निकासी के लिए 70 पंपिंग सेट मशीन लगाई हैं। रिकार्ड तोड़ बारिश की वजह से कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति है। पब्लिक की दिक्कतों को देखते हुए तत्काल इसका निदान किया गया। नगर निगम के अफसरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी जलजमाव की सूचना मिले फौरन पहुंचकर परेशानी दूर करें। शहर में सीवरेज लाइन का काम चल रहा है। जल्द पूरा करा लिया जाएगा। स्वयं जलभराव इलाके का जायजा ले रहा हूं। जहां किसी प्रकार की दिक्कत आ रही है उसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

सीताराम जायसवाल, मेयर

शहर की छोटे नालियों को नालों से जोड़ने की कवायद शुरू की गई थी। जगह-जगह क्रास बनाया गया। नालों के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए अवस्थापना निधि से पास कराया गया। लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा सुस्त काम होने की वजह से समय रहते काम पूरा नहीं हो सका। कार्यदायी संस्था तेज गति से काम नहीं कर रहे। जिससे शहर में जल-जमाव की स्थिति बनी हुई हैं।

डॉ। सत्या पांडेय, पूर्व मेयर


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