पुलिस का फैक्ट चेक अफवाहों पर कसेगा लगाम

2019-07-14T06:00:23Z

- बिना पड़ताल कोई सूचना वायरल करना पड़ सकता है भारी

- फैक्ट चेक से जांच करके सच्चाई बता रही यूपी पुलिस की टीम

GORAKHPUR: शहर में होने वाली किसी तरह की गतिविधि पर फर्जी सूचना देना महंगा पड़ सकता है। यूपी पुलिस का फैक्ट चेक हर तरह के तथ्यों की जांच कर रहा है। जिले में सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी के लिए जहां टीम बना दी गई है। वहीं फर्जी सूचनाएं प्रसारित करके माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस के आईटी सेल के एक्टिव होने से ऐसे लोगों की मुश्किल बढ़ेगी। एसएसपी ने कहा है कि जो लोग भी फेक न्यूज वायरल करते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई में आसानी हो गई है।

स्पेशल टीम की निगरानी, गड़बड़ी पर बढ़ेगी परेशानी

सोशल मीडिया सेल की स्पेशल टीम को जिम्मेदारी दी गई है। ये स्पेशल टीम सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली न्यूज और अफवाहों की तह तक पहुंचने के बाद उसकी सच्चाई को सामने ला रही है। हकीकत जानने के बाद भी यदि कोई फर्जीवाड़ा करे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और अफवाहों को सोशल मीडिया पर आनन-फानन में वायरल करके माहौल बिगाड़ने वाले शातिरों पर शिकंजा कसने का एक्शन भी शुरू हो गया।

फोन से डिलीट करें अफवाह, सावधानी से करें बचाव

सोशल मीडिया पर आने वाली हर न्यूज और सूचना की पड़ताल जरूरी हो गई है। कई बार फर्जी मामलों की वजह से वायरल करने वाले की फजीहत होती है। इसलिए कोई भी सूचना आने पर उसे आगे तभी वायरल करें जब उसकी पुष्टि हो। अगर सूचना फर्जी निकले तो उसे तत्काल अपने मोबाइल फोन से हटा दें। उसे डिलीट कर दें ताकि कोई दुरुपयोग न कर सके।

इस तरह से काम कर रहा पुलिस का फैक्ट चेक

यूपी पुलिस के सोशल मीडिया के ट्विटर हैंडल पर यूपी पुलिस फैक्ट चेक के नाम से एकाउंट बनाया गया है। जो किसी भी एकाउंट से अफवाह फैलाने की जांच करता है। यूजर्स की तरफ से पोस्ट वीडियो, फोटो या अन्य कंटेंट के संबंध में सही जानकारी जुटाकर खंडन करता है। यदि इसके बाद भी कोई अफवाह फैलाता है तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करती है। पुलिस से जुड़े लोगों का कहना है कि कई बार लोग पुलिस कर्मचारियों की फोटो, वीडियो, वायस रिकॉर्डिग सहित अन्य सामग्री गलत तरीके से सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं। इससे पब्लिक का भरोसा टूटता है जबकि छवि खराब होती है। फैक्ट चेक से पुलिस की छवि सुधार भी हो रही है।

वर्जन

कई बार लोग झूठी सूचनाओं, टैमपरिंग करके वीडियो और फोटो वायरल करते हैं। ऐसे में प्राब्लम खड़ी हो जाती है। इसको देखते हुए फैक्ट चेक बनाया गया है। इसकी मदद से सच्चाई को सबके सामने लाया जा रहा है। गलत सूचनाओं, अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है।

- डॉ। सुनील गुप्ता, एसएसपी


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