सरकारी भवन व स्कूल ही वाटर हार्वेस्टिंग से हैं दूर

2019-07-06T06:00:23Z

रांची: केंद्र व प्रदेश सरकार के द्वारा जहां पानी की बढ़ती किल्लत को देखते आम लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही भूगर्भ जलस्तर को ठीक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, तो वहीं पानी के महत्व को बताने के लिए करोड़ों रुपये फूंक कर हर इलाके में एलईडी वाहन के जरिये प्रचार प्रसार भी कराया जा रहा हैं। लेकिन जिले के सरकारी भवनों और स्कूलों में इसके लिए व्यवस्था गोल है। यहां दीपक तले अंधेरा वाली कहावत सही साबित हो रही है। ये हम नहीं कह रहे, जल संचयन को बढ़ावा देने व सरकारी भवनों में पानी बचाव की स्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। फैक्ट ये है कि राजधानी में स्थित कई सरकारी भवनों और स्कूलों में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए कोई इंतजाम ही नहीं हैं। जबकि पुराने अपार्टमेंट में रहने वाले आम लोगों से वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं रहने पर दोगुना होल्डिंग टैक्स लिया जा रहा है लेकिन सरकारी भवनों में इसके लिए लगातार अनदेखी की जा रही है।

होगी कार्रवाई

इस बाबत डीसी राय महिमापत रे ने कहा है कि ग्राउंड वाटर लेवल को बेहतर बनाने के लिए अब जिले के सभी स्कूलों में पेड़ लगाये जायेंगे तथा रिचार्ज फैसिलिटी की भी व्यवस्था की जायेगी। कहा कि प्राइवेट व सरकारी स्कूलों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी है। इसका पालन नहीं करने पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी ऊंचे सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्िटग की व्यवस्था कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

हैंडपंप के पास जलसंचयन की व्यवस्था

यह भी बताया कि रांची जिले में जितने भी हैंडपंप हैं उनके पास वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम डेवलप किये जाने का डिसीजन लिया गया है। जल्द ही पंचायत स्तर पर जलसहिया सभी टोलों में पेड़ लगवायेंगी और लोगों को जल संचयन के लिए प्रोत्साहित भी करेंगी।

अब करना होगा जल संरक्षण

रांची नगर निगम क्षेत्र में बने सभी ऊंचे भवनों को अब जल संरक्षण करना अनिवार्य होगा। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन इसकी जांच भी करेगा कि इन भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था है कि नहीं। अगर है तो मानकों का पालन करते हुए बनाया गया है या नहीं। सभी सरकारी अधिकारियों के कार्यालयों व आवासों में रिचार्ज फैसिलिटी इंश्योर की जायेगी।

ताकि पानी न हो बर्बाद

शहर में जो डीप बोरिंग काम नहीं कर रहे हैं, उसकी मरम्मती की जायेगी और अगर उनकी मरम्मती नहीं हो पाती है तो उसे रिचार्ज प्वांइंट के तौर पर तब्दील किया जायेगा। जो चापानल चल रहे हैं उनके बगल में रिचार्ज फैसिलिटी बनाया जायेगा ताकि पानी बर्बाद न हो।

हटाएं अवैध निर्माण

शहर में ऐसे तालाब जिनके रिचार्ज होने के रास्ते बंद हो गये हैं। इसे लेकर शहरी क्षेत्र के सभी सीओ को डीसी ने निर्देश दिया है कि जल्द इस पर काम करते हुए उसे खुलवाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जलाशयों के अगल-बगल जो अवैध निर्माण कराये गए हैं उन्हें तत्काल हटाया जाए।

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वर्जन

जिला प्रशासन की कोशिश है कि अगले साल इस साल जैसी स्थिति न हो। जल संरक्षण के लिए चलाये जा रहे अभियान को जन अभियान में तब्दील किया जाएगा ताकि हर इलाके के लोगों तक यह बात पहुंच सके। उन्होंने लोगों से खुद भी जल संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की है।

राय महिमापत रे

रांची डीसी


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