केन्‍द्र सरकार जल्‍द ही साल 2017 का बजट पेश करने जा रही है। जिसके साथ कई बड़े बदलाव होने की संभावना है। ये बदलाव सरकार सीधे आम आदमी से जुड़ने के लिए कर रही है। सरकार डीबीटी मॉडल में बड़े बदलाव करने की तैयारी मे हैं। अब देखना होगा कि ये बदलाव किस स्‍तर पर किये जाते है। इनसे आम आदमी को नुकसान होता है या फायदा।


डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर में हो सकते हैं बदलावडायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का फायदा लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने के लिए सरकार कई अहम प्लान तैयार कर रही है। जिसमें डीबीटी के मॉडल में कई अहम बदलाव किए जा सकते हैं। इसके तहत सरकार के लेवल पर डिस्कशन चल रहा है। जिसमें डीबीटी को तीन से चार तरीकों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस संबंध में सरकार को सुझाव भी दिए गए हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत सरकार अभी सीधे नगद राशि दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार लेकिन केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही कई ऐसी स्कीम्स हैं। जहां पर नगद राशि भेजने के जगह दूसरे मॉडल का यूज किया जा सकता है। इसे देखते हुए सरकार के लेवल पर डीबीटी में तीन से चार मॉडल को यूज करने का डिस्क्शन चल रहा है। इन नये मॉडलों पर विचार कर रही है सरकार
अभी सरकार लाभार्थी के अकाउंट में सीधे पैसा भेजने के मॉडल को अपना रही है। सरकार अपनी कई अहम स्कीम्स के लिए सब्सिडी की राशि सीधे जनधन अकाउंट के जरिए भेज रही है। इसके तहत ऐसी स्कीम को शामिल किया जा सकता है जिसका लाभ लाभार्थी को पाने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। सब्सिडी की राशि लाभार्थी के अकाउंट में ट्रांसफर होगी। इसके तहत ऐसी स्कीम को शामिल किया जा सकता है जहां पर सुविधाओं की पहुंच सीधे नहीं है। सरकार इस कदम से करप्शन को भी रोकना चाहती है। सरकार इन फैसलों को लागू करने की फीजबिलिटी टेस्ट करा रही है। इसके तहत पेंशन, स्कॉलरशिप, बीपीएल सहित कई योजनाओं पर अमल किया जा रहा है।

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Posted By: Prabha Punj Mishra