अयोध्या केस राम की नगरी से ग्राउंड रिपोर्ट

2019-10-18T19:24:11Z

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस की सुनवाई पूरी होने के बाद दैनिक जागरणआई नेक्स्ट की टीम ने जाना अयोध्या का हाल। सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजामों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द की मिसाल देखने को मिली सरयू के तट पर।

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अब फैसला कुछ भी आए, लेकिन अयोध्या का माहौल खराब नहीं होगा। सरयू नदी के तट पर चह-चहाते पक्षियों और सूरज की रोशनी के बीच हिंदू और मुस्लिमों की गले मिलते तस्वीर कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश करती है। यहां के लोगों का मानना है कि अमन और प्यार यहां हमेशा कायम रहेगा। अयोध्या को लेकर तमाम अफवाहों और अटकलों की सच्चाई जानने के लिए यहां पहुंची दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट कानपुर की टीम इस एकता और सौहार्द की गवाह बनी। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के मनोज खरे ने जाना कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इतर, अयोध्या के लोग क्या चाहते हैं
प्रेम का संदेश
ददुआ के महल के पास बने स्टैंड पर अपनी गाड़ी खड़ी करने के बाद श्रीराम जन्मभूमि न्यास की ओर दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट टीम के कदम बढ़े तो सबसे पहले एक चाय की दुकान दिखी। वहां खड़े हिंदू और मुस्लिम भाई आपस में हंसते बोलते हुए दिखे। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट टीम भी अपनी पहचान छिपाकर वहां चाय पीने के लिए रुक गई। वहां खड़े पांच लोग में तीन मुस्लिम और दो हिंदू धर्म के थे, लेकिन सभी आपस में यही बात करते दिखे कि सुप्रीम कोर्ट कुछ भी फैसला सुनाए हमें सिर्फ अपनी अयोध्या को मुस्कुराते हुए देखना है। हमारा प्रेम यूं ही बढ़ता रहेगा। हम अपने प्रेम से पूरी दुनिया को संदेश देंगे कि सबकुछ प्यार में ही है।
पांच सुरक्षा घेरे में श्रीरामलला
* माहौल को देखते हुए सरकार ने भी किसी तरह की कोई ढील नहीं दी है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने सिक्योरिटी के जबरदस्त इंतजाम पूरी अयोध्या में किए हैं।
* चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल की मौजूदगी है। इसके बाद भी अयोध्या में सबकुछ पूरी तरह सामान्य है।
* श्रीरामजन्म भूमि न्यास में घुसते ही सबसे पहले तैनात यूपी पुलिस के जवान हर श्रद्धालु की पूरी तलाशी लेते हैं।
* इसके बाद मोबाइल फोन से लेकर हर इलेक्ट्रानिक और किसी भी तरह की मेटल की चीज आगे नहीं ले जा सकते हैं। इतना ही नहीं पेन और पेेंसिल तक ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है।
* दूसरा घेरा पीएसी के जवानों के बाद तीसरे घेरे में पुलिस के जवान हर आने-जाने वाले की चेकिंग करते हैं।
* इसके बाद सीआरपीएफ के दोनों घेरों के बाद श्रीराम लला के दर्शन को भक्त पहुंचते हैं। कुछ ऐसी ही सुरक्षा पूरे अयोध्या में दिखी।
सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा, वो सर्वमान्य होगा। मैं तो कई दशकों से इंतजार कर रहा हूं। मेरा सबसे यही निवेदन है कि आपसी प्रेम और सौहार्द बनाकर पूरी दुनिया में अयोध्या का नाम रोशन करें। सरकार की तरफ से पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
-महंत नृत्यगोपाल दास, अध्यक्ष, श्रीराम जन्मभूमि न्यास
अयोध्या को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बसे भारतीयों की निगाह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। कोर्ट का फैसला कुछ भी आए, लेकिन आप सबको अयोध्या में प्रेम और सौहार्द हमेशा ऐसा ही देखने को मिलेगा। कोर्ट जो फैसला देगा वो पूरी तरह सही होगा।
-कमलनयन दास, महंत, श्री मणिरामदास जी की छावनी, अयोध्या
सीजेआई ने रद किया विदेशी दौरा
अयोध्या जमीन विवाद को लेकर चीफ जस्टिस किस कदर संजीदा हैैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि समय कम देखकर उन्होंने दिवाली के बाद अपना प्रस्तावित विदेश दौरा भी रद कर दिया है। चीफ जस्टिस को आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए साउथ अमेरिकी देशों, मिड-ईस्ट और कुछ अन्य देशों की यात्रा पर जाना था। चीफ जस्टिस 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैैं और वो इससे पहले अयोध्या केस का फैसला सुना सकते हैैं।

राजीव धवन के खिलाफ शिकायत

अयोध्या केस की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन द्वारा नक्शा फाड़े जाने पर हिंदू महासभा ने बार काउंसिल ऑफ  इंडिया (बीसीआई) में शिकायत की है। बीसीआई को लिखे लेटर में महासभा ने धवन द्वारा अदालत कक्ष में नक्शा फाडऩे को गंभीर विषय बताया।
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी के हस्ताक्षर से भेजे गए लेटर में कहा गया है कि बार काउंसिल धवन के खिलाफ  मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि धवन के इस कृत्य से सुप्रीम कोर्ट बार का अपमान हुआ है।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार फैसले को नहीं देंगे चुनौती  
बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि वह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेंगे और फैसले को चुनौती देते हुए कोई याचिका दाखिल नहीं करेंगे। इकबाल अंसारी ने कहा कि वह खुश हैं कि मामला अब अपने तार्किक अंजाम तक पहुंच रहा है। अंसारी के पिता हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद मामले में सबसे पुराने वादी थे। उन्होंने कहा, लगभग 70 वर्षो से अयोध्या में विवाद की वजह से राजनीति हो रही है और मैं उम्मीद करता हूं कि शहर में कुछ विकास होगा।
manoj.khare@inext.co.in

 

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Posted By: Mukul Kumar

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