मौसम चक्रवात का असर दक्षिण भारत में गरज के साथ भारी बारिश

2018-10-16T07:01:09Z

आंधीतूफान के साथ दक्षिण भारत में भारी बारिश की आशंका बनी हुर्इ है। चक्रवात ने अपनी दिशा बदलते हुए दक्षिण के तटीय इलाकों की आेर अपना रुख कर लिया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत पर चक्रवात का असर
कानपुर। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु आैर पुद्दुचेरी के आंतरिक इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। अरब सागर आैर बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात की दिशा बदलते-बदलते हालात दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए कठिन हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के दक्षिण में आंतरिक इलाके, केरल, तमिलनाडु आैर पुद्दुचेरी के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में इस दौरान तेज हवाएं चलने आैर आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गर्इ है।

पूर्वोत्तर आैर दक्षिण भारत बारिश से भीगे
पिछले 24 घंटों के दौरान चक्रवात के कारण लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, तटीय आैर आंतरिक कर्नाटक, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, असम, मेघालय, रायलसीमा, अंडमान आैर निकोबार द्वीप समूह में आंधी-तूफान आैर गरज-चमक के साथ बारिश हुर्इ। भारत के मौसम विभाग के अनुसार, देश में सबसे गर्म इलाका न्यू कांडला रहा। सूरत आैर कच्छ के इस इलाके में अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश का मांडला देश का सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।



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