हैवी ट्रैफिक से रूमी गेट को खतरा

2015-09-16T07:01:12Z

- आईआईटी कानपुर ने डीएम को सौंपी सर्वे रिपोर्ट

- सीओ ट्रैफिक, आरटीओ और एसीएम फस्ट की बनाई गई टीम

- ऐतिहासिक इमारत को बचाने के लिए होगा ट्रैफिक का डायवर्जन

LUCKNOW: राजधानी की शान मानी जाने वाली ऐतिहासिक इमारतों का अस्तित्व खतरे में है। पिछले दिनों पहले भूकंप के बाद कई इमारतों में दरारें आने पर प्रशासन ने आईआईटी कानपुर से इमारतों का सर्वे की अपील की थी। आईआईटी ने ट्यूज्डे को अपनी सर्वे रिपोर्ट डीएम के भेजी है.आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट में साफ है कि हैवी ट्रैफिक से रूमी गेट पर खतरा मंडरा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के बाद डीएम ने रूमी गेट की मरम्मत और उसे बचाने के लिए एक कमेटी बनाई है। मरम्मत कार्य तक के लिए ट्रैफिक रूट का डायवर्जन भी किया जाएगा।

डीएम ने की मीटिंग

डीएम राजशेखर ने ट्यूज्डे को इस मामले में ट्रैफिक और प्रशासनिक अफसरों के साथ मीटिंग की। डीएम ने बताया कि आईआईटी के फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के डीन डॉ। समित राय चौधरी और इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्लानिंग के डीन डॉ। ओंकार दीक्षित को लखनऊ के स्मारकों का सर्वे करके उसकी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। टीम ने रूमी गेट, बड़ा इमामबाड़ा, क्लॉक टावर, पिक्चर गैलरी और रेजीडेंसी का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की।

ऐज क्रैक्स के चलते आई दरारें

सर्वे रिपोर्ट में स्पेशलिस्ट ने बताया है कि रूमी गेट में जो दरार आई है वो ऐज फैक्टर की वजह से है। ऐसी दरार को ऐज क्रैक्स का जाता है। ऐतिहासिक इमारत का अस्तित्व बचाने के लिए दरार को जल्द से जल्द भरना जरूरी है। इसके अलावा रूमी गेट के पास कम्पन पर रोक लगाने को कहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूमी गेट की ओर से गुजरने वाले भारी व्हीकल पर रोक लगाई जाए। दरार भरने पर जल्द ही काम शुरू होगा। डीएम राजशेखर ने बताया कि एसीएम फस्ट, आरटीओ और सीओ ट्रैफिक की एक कमेटी बनाकर उन्हें वैकल्पिक रूट डायवर्जन की रिपोर्ट एक हफ्ते में देने के निर्देश दिए गए है ताकि रूमी गेट से गुजरने वाले वाहनों पर रोक लगाई जा सके

क्लॉक टावर का शिखर झुक गया

सर्वे रिपोर्ट में बताया है कि क्लॉक टावर में कोई बड़ा डैमेज नहीं मिला है लेकिन क्लॉक टावर का शिखर झुका हुआ है। उसे जल्द ही सीधा किए जाने की आवश्यकता है। यही नहीं क्लॉक टावर के अंदर कई जंक मैटेरियल पड़ा है उसे वहां से तत्काल हटाए जाने की जरूरत है। डीएम ने बताया कि बड़ा इमामबाड़ा में एक दरार पाई गई जो गुम्बद की तली पर है। जबकि इंट्री गेट पर भी छोटी सी दरार है। उसे भी ऐज क्रैक बताया गया है। इसे जल्द ही भरने के निर्देश दिए गए है।

पिक्चर गैलरी ओवर वेट

पिक्चर गैलरी का स्ट्रक्चर बहुत पुराना है। यही नहीं उसका शेप भी खराब हो रहा है। इसलिए उसमें प्रशासनिक और स्ट्रक्चरल बदलाव की जरूरत है। उसमें कई सारी दरारें है उन्हें हटाया जाना जरूरी है। उसकी मजबूती के लिए उसमें स्टील रॉड की सहायता ली जाना चाहिए। सर्वे रिपोर्ट में बताया गया कि पिक्चर गैलरी पर बहुत ज्यादा भार है जो वो लम्बे समय तक सहन करने की स्थिति में नहीं है.रेजीडेंसी में भी कोई खास डैमेज नहीं है लेकिन वहां के बेसमेंट में जल्द ही रिपेयरिंग कराई जाने की जरूरत है।

रिकॉ‌र्ड्स का होगा डिजिटलाइजेशन

डीएम ने बताया कि हुसैनाबाद एंड एलीड ट्रस्ट का ऑफिस जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा। और एचएटी के जो रिकॉ‌र्ड्स है उन्हें भी वहां से निकालकर दूसरे जगह शिफ्ट किया जाएगा। रिकॉर्ड को सुरक्षित और कस्टडी में रखने के लिए दूसरी जगह नया ऑफिस बनाया जाएगा। जिला प्रशासन जल्द ही खराब हो रहे रिकॉ‌र्ड्स को भी डिजिटलाइजेशन करेगा। ताकि रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जा सके।


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