केदारनाथ में टेकऑफ के समय हेलीकॉप्टर में खराबी हार्ड लैंडिंग कराई

2019-09-24T06:00:43Z

-छह यात्रियों को लेकर उड़ान भरते समय हुआ हादसा

-उत्तराखंड में एक माह में ही तीसरा हेलीकॉप्टर हादसा

-पायलट और सभी छह यात्री सुरक्षित, डीजीसीए करेगा जांच

देहरादून

केदारनाथ में मंडे को यूटिएयर एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर में केदारनाथ हेलीपैड से उड़ान भरते समय टेक्निकल खराबी आ गई। पायलट ने हार्ड लैंडिंग कराई, लैंडिंग के समय हेलीकॉप्टर अनबैलेंस होकर हेलीपैड से टकरा गया। सभी यात्री और पायलट सुरक्षित हैं। लेकिन, केदारनाथ में नियम कायदों को ताक में रखकर उड़ान भर रही हेली कंपनियों की लापरवाही का खेल खुल गया। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने 17 सितंबर को ही केदारनाथ में सिविल एविएशन नियमों को ताक में रखकर उड़ान की खबर पब्लिश कर यहां हादसों की आशंका के बारे में आगाह भी किया था। केदारनाथ में 9 में से 7 कंपनियां तो नियमों का दरकिनार कर उड़ान भर रही हैं। जिस कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ उसका एक हेलीकॉप्टर पिछले कई दिनों से बार-बार खराब हो रहा था। कंपनी ने अपना दूसरा हेलीकॉप्टर भेजा तो तीसरे ही दिन उसमें भी टेक्निकल खराबी आ गई, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

हो सकता था बड़ा हादसा

हादसा मंडे सुबह 11.25 बजे हुआ। यूटिएयर कंपनी का हेलीकॉप्टर केदारनाथ दर्शन कर लौट रहे छह यात्रियों को लेकर उड़ान भर रहा था। हेलीपैड से करीब दस-पंद्रह फीट ही उड़ा होगा कि टर्न करते समय हेलीकॉप्टर में टेक्निकल फॉल्ट आ गया। हेलीकॉप्टर उड़कर सीधा होने के बजाया लेफ्ट ही घूमता रहा और अनबैलेंस होने लगा। पायलट ने सूझबूझ कर परिचय देते हुए हार्ड लैंडिंग करा दी। हार्ड लैडिंग के समय हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा हेलीपैड से टकराकर डैमेज हो गया। हेलीकॉप्टर उस समय तक हवा में हेलीपैड के ऊपर ही था, अगर थोड़ा भी आगे निकल गया होता तो सीधा खाई में गिरता। हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री और पायलट को वहां मौजूद सेफ्टी स्टॉफ ने तुरंत उताकर मेडिकल इमरजेंसी चेकअप के लिए केदारनाथ हॉस्पिटल पहुंचाया। सभी यात्री और पायलट सुरक्षित हैं। बाद में उन्हें दूसरी कंपनी के हेलीकॉप्टर से भेजा गया।

डीजीसीए करेगा जांच

हेलीकॉप्टर अभी मौके पर ही रहेगा। डीजीसीए की टीम उसका इंस्पेक्शन करेगी। डीजीसीए की जांच के बाद ही हादसे की असली वजह का पता चल पाएगा। बीते 23 और 25 अगस्त को भी उत्तरकाशी में दो हेलीकॉप्टर क्रैश हो गए थे, उनकी भी जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। केदारनाथ हेली सेवा के नोडल ऑफिसर सुरेन्द्र पंवार ने बताया कि सभी छह यात्री पायल, सुतिकृष्ण, पार्वती, नौमानी, लावण्या और जय लक्ष्मी सुरक्षित हैं। पायलट का नाम राकेश भारद्वाज बताया जा रहा है। हेली

सर्विस का टाइम घटाया

हादसे के बाद केदारनाथ में हेली सर्विस का टाइम प्रतिदिन आठ से घटाकर पांच घंटे कर दिया गया है। चर्चा यह है कि 9 कंपनियों के हेलीकॉप्टर जल्दबाजी में उड़ान भर रहे थे। एक एक दिन में एक-एक हेलीकॉप्टर 30 से ज्यादा शटल पूरे कर रहा था, जबकि मंदाकिनी वैली की चौड़ाई के अधार पर वहां एक समय पर सिर्फ 6 हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति हैं। इससे केदारनाथ में मौजूद हेलीपैड पर भी एक साथ तीन हेलीकॉप्टर उतर रहे थे, जिसकी वजह से लैंडिंग और टेकऑफ के समय खतरा बना हुआ है।

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उड़ान भरते समय यूटिएयर कंपनी के हेलीकॉप्टर में खराबी आ गई। हार्ड लैडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा हेलीपैड से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। सभी यात्री और पायलट सुरक्षित हैं। हेली सर्विस का टाइम 8 से घटाकर 5 घंटे कर दिया गया है।

सुरेन्द्र पंवार, नोडल ऑफिसर केदारनाथ हेली सर्विस

Posted By: Inextlive

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