अपराधियों की शामत चंडीगढ़ पुलिस की तर्ज पर रोकेंगे क्राइम

2018-12-12T06:01:01Z

RANCHI: अपराध पर अंकुश लगाने के लिए रांची़ पुलिस ने हाईटेक प्लान तैयार किया है, जो चंडीगढ़ पुलिस के प्लान पर आधारित है। जल्द ही इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर लागू करने के डेट तय की जाएगी। प्लान की कई चीजें दिसंबर के आखिर तक शुरू हो जाएंगी, कई सुविधाएं नए साल के शुरू में मिलने लगेंगी। इस प्लान में हर वर्ग की सुरक्षा और समाज सुधार के लिए हाईटेक तैयारी की गई है।

क्या हैं हाईटेक कदम

नारी शक्ति ऐप होगा रिलांच

प्लान के तहत सबसे पहले महिलाओं के प्रति बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लांच नारी शक्ति ऐप को फिर से रिलांच किया जाएगा। इसमें एसओएस बटन होगा। किसी भी आपात स्थिति में कोई युवती या महिला इस बटन को जैसे ही प्रेस करेगी। तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में जानकारी पहुंच जाएगी। साथ ही युवती के उन परिजनों को भी जानकारी मिल जाएगी, जिनकी जानकारी ऐप में दी गई है। कंट्रोल रूम को युवती के लोकेशन समेत अन्य तमाम जानकारी भी मिल जाएगी। कंट्रोल रूम से मैसेज तुरंत संबंधित एरिया के थाने सहित बीट इंचार्ज को पहुंच जाएगी। यह जानकारी मिलते ही कुछ मिनटों में पुलिस लोकेशन पर पहुंच जाएगी। जिससे किसी बड़ी घटना को होने से पहले ही रोका जा सकेगा। ऐप को लेकर पुलिस कॉलेज और अन्य संस्थानों में जाकर महिलाओं को जागरूक कर इसे अपलोड कराएगी।

ई-बीट बूथ से टैब पर ही टोटल पुलिसिंग

रांची पुलिस का दूसरा हाईटेक कदम बीट बॉक्स को ई-बीट बूथ सिस्टम में बदलने का रहेगा। अभी बीट में पुलिस कर्मी मैनुअली काम करते हैं। लेकिन ई-बीट बूथ सिस्टम से हर बीट इंचार्ज को टैबलेट दिए जाएंगे। यह सिर्फ टैबलेट नहीं होंगे बल्कि पूरी पुलिसिंग इसके अंदर होगी। बीट इंचार्ज के पास पूरा डाटा होगा। टैब पर क्लिक करते ही शहर से जुड़ी हर जानकारी मिल जाएगी। एरिया में ज्वेलर्स की शॉप कितनी हैं, कहां हैं, मार्केट कहां, शॉप, शराब के ठेके कहां और कितने इस तरह से हर तरह की जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी। इतना ही नहीं, ऐप पर अपराधी और उसका पूरा काला चिट्ठा यानी रिकॉर्ड भी होगा। अभी यह जानकारी मैनुअल ही जुटानी पड़ती हैं। कई बार मौके पर ही ऐसी जानकारी चाहिए होती है, जब तक मिलती है देर हो जाती है। नाके पर बीट इंचार्ज अपराधियों का डाटा देखकर तुरंत एक्शन ले सकता है। ई-बीट में इंटरएक्टिव फीचर भी होगा। यानी संबंधित एरिया के लोग बीट इंचार्ज से बात कर सकेंगे। अपने सुझाव तुरंत दे सकेंगे। इस हाईटेक सिस्टम के बाद बीट की संख्या भी बढ़ेगी।

डायल 100 की दूर होंगी शिकायतें

अभी काफी शिकायतें ऐसी मिलती हैं कि 100 नंबर पर कॉल नहीं लगा। व्यस्त था या किसी ने उठाया नहीं। अब ऐसी शिकायतें नहीं होंगी। इसको खत्म करने के लिए यूटी पुलिस 100 नंबर की लाइन में इजाफा किया जाएगा।

थाने में स्किल डेवलपमेंट क्लास

अभी तक थानों में अपराधियों की खिंचाई होती रही है, लेकिन अब थानों में जरूरतमंदों को स्किल सिखाने की क्लास भी लगेगी। इसके लिए थाने में विशेष ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत थानों में फ‌र्स्ट फेज में युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग मुफ्त दी जाएगी। पुलिस ऐसे युवाओं की सूची तैयार कर रही है। अगले कुछ दिनों में शुरुआत हो जाएगी। यह ऐसे युवा हैं जो संसाधनों के अभाव में नशे और अपराध के चंगुल में फंस जाते हैं। कुछ करना भी चाहते हैं तो प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता। कॉलोनियों में रहने वाले 16 वर्ष से अधिक आयु के युवा इसमें शामिल हैं। इसमें लड़कियां भी शामिल हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर, ब्यूटी एंड वेलनेस, थेरेपी जैसे कई कोर्स कराए जाएंगे।

बाल अपराधियों को अच्छी बातों का पाठ

आठ से 16 वर्ष के बहुत से बच्चे नशे और अपराध की दलदल में फंसे हैं। इन्हें निकालने के लिए पुलिस एसपीवाई एनजीओ की मदद से 15 बैच बनाकर इन्हें खेल-खेल में, गेम और लर्निंग मैटेरियल की मदद से अच्छी चीजें सिखाकर उन्हें इससे दूर किया जाएगा।

वर्जन

अपराध का ग्राफ लगातार कम हुआ है। पुलिस ने सर्वे और स्टडी के बाद सभी क्षेत्र में हाईटेक तरीके से काम करने का प्लान तैयार किया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐप लांच होगा। ई-बीट बूथ सिस्टम से बीट इंचार्ज के हाथ में टैब होगा, जिसमें टोटल पुलिसिंग और शहर का डाटा होगा। इसके अलावा कॉलोनी और स्लम एरिया को अपराध मुक्त करने के लिए आयु वर्ग पर फोकस कर काम होगा। सिर्फ नशे और अपराध से दूर ही नहीं किया जाएगा, उन्हें रोजगार से भी जोड़ने का प्रयास है।

अनीश गुप्ता, एसएसपी, रांची


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