हिन्‍दी दिवस 2018 जरूर जानें हिंदी भाषा को लेकर देश के महान लोगों के विचार

2018-09-14T07:10:47Z

हिंदी भारत देश की राजभाषा जिसे यहां सबसे ज्यादा लोग बोलते हैं। मास की लैंग्वेज होने के बावजूद अभी तक इसे 'क्लास' ने नहीं अपनाया है। नतीजा यह है कि इसे बोलनेसमझने वाले उस जगह नहीं अपनी बात कहने नहीं पहुंच पाते जहां से देश के आवाम की तकदीर लिखी जाती है।


आर्य समाज के प्रणेता दयानंद सरस्वती ने देश में समाज सुधार के कर्इ कार्य किए हैं।
फादर कामिल बुल्के प्रख्यात विद्वान तो थे ही उन्होंने अंग्रेजी से हिंदी के लिए एक मानक शब्दकोष की भी रचना की है।
बाॅलीवुड अभिनेता ने एक फिल्म हिंदी मीडियम के जरिए देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए हैं।
देश के पहले प्रधानमंत्री थे जवाहर लाल नेहरू।
माधवराव सप्रे पत्रकार, साहित्यकार आैर राष्ट्र चिंतक थे।
महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से ही अहिंसा के रास्ते चलकर अन्याय का विरोध शुरू कर दिया था।


मैथिली शरण गुप्त का नाम हिंदी के प्रख्यात साहित्यकारों में शामिल है।
महात्मा गांधी के अचूक हथियार 'अहिंसा' को दुनिया भर में लोग लोहा मानते हैं।
राहुल सांकृत्यायन का नाम हिंदी प्रख्यात साहित्यकारों में शुमार है।
राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वे देश के पहले राष्ट्रपति थे। उनके अलावा कोर्इ भी अब तक दो बार इस पद पर नहीं रहा है।
सुभाष चंद्र बोस ने देश को आजाद कराने के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की लेकिन इससे पहले वे अपने मकसद में कामयाब हो पाते उनकी एक विमान दुर्घटना में मौत हो गर्इ।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ-साथ गांधीवादी विनोबा भावे को देश में भूदान आंदोलन के प्रणेता थे।


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