हिस्ट्रीशीटर को गोलियों से भूना

2019-07-08T06:00:59Z

नंबर गेम

10 मुकदमे दर्ज थे पीयूष के खिलाफ

06 बदमाशों ने किया हमला

02 बाइक पर सवार होकर आए थे

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-घूरपुर क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर पियूष शुक्ल को बाइक सवारों ने गोलियों से भूना

-पिस्टल और तमंचे से हमला, लगीं दस गोलियां, मौके पर मौत

PRAYAGRAJ: इरादतगंज चौराहे से परेड जाने वाली रोड पर स्थित ईट भट्ठे के पास हिस्ट्रीशीटर पियूष कुमार शुक्ल (23) को शनिवार की देर रात गोलियों से भून दिया गया। दो बाइक से पहुंचे छह बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया। एक के बाद एक हमलावरों ने तमंचे और पिस्टल से गोलियाें की बौछार कर दी। सिर से लेकर गर्दन और पेट में गोलियां जा धंसी और वह जमीन पर गिर पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस ने जानकारी उसके गांव के प्रधान शीतला प्रसाद पांडेय को दी। प्रधान ने घटना की खबर उसके घर तक पहुंचाई तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन और पुलिस उसे लेकर एसआरएन हॉस्पिटल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

वापस आने के लिए बोलकर निकला था

घूरपुर थाना क्षेत्र के बकबना गांव निवासी प्रमोद कुमार शुक्ल का इकलौता बेटा पियूष कुमार शुक्ल हिस्ट्रीशीटर था। शनिवार की रात पीयूष घर में यह बताकर बाइक से निकला था कि थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। इरादतगंज चौराहे से परेड की तरफ जाने वाली रोड पर स्थित कुंवर बहादुर सिंह के ईट भट्ठे के पास वह बदमाशों का शिकार बन गया। दो बाइक से पहुंचे करीब छह बदमाशों ने उस पर तमंचे व पिस्टल से गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। गोली लगने से वह जमीन पर गिर पड़ा। उसकी बाइक रोड किनारे गड्ढे में जा गिरी।

शरीर के पार हो गई सात गोलियां

दो डॉक्टरों के पैनल ने उसके शव को पोस्टमार्टम किया। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में उसके शरीर में गोलियों के कुल दस घाव मिले हैं। गर्दन, पेट और सिर में फंसी तीन गोलियां डॉक्टरों ने निकालीं। सात गोलियां उसके शरीर को छेदते हुए पार हो गई थीं। पुलिस को घटनास्थल से कुल तीन खोखे मिले हैं। पीयूष के पिता की तहरीर पर घूरपुर पुलिस ने शैलेंद्र कुमार पटेल सहित कई अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दस मुकदमे दर्ज थे

पीयूष के खिलाफ घूरपुर व नैनी थाने में हत्या के प्रयास व मारपीट, गैंगस्टर सहित अन्य मामलों के दस मुकदमे दर्ज थे। बताते हैं कि हत्या के प्रयास के मामले में वह कई माह से वांछित चल रहा था।

बॉक्स

दोस्त को गोली मारकर रखा था अपराध की दुनिया में कदम

एक फरवरी 2018 तक पीयूष भी आम लड़कों जैसा ही था। घर का इकलौता और सभी का दुलारा। लेकिन एक एक फरवरी 2018 को हुई एक घटना ने पीयूष की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। मृतक पियूष के पिता प्रमोद कुमार शुक्ल के मुताबिक आरोपित शैलेंद्र भी भट्ठा मालिक है। पियूष उसके साथ रहा करता था। दोनों एक-दूसरे पर भरोसा किया करते थे। पिछले साल किसी बात को लेकर शैलेंद्र पटेल ने उसे पीट दिया था। इससे नाराज होकर एक फरवरी 2018 को पियूष ने उसी के ईट-भट्ठे पर ऑफिस के अंदर शैलेंद्र को गोली मार दी थी। हालांकि वह बच गया था। इस मामले में शैलेंद्र ने पियूष को नामजद किया था। इसी घटना के बाद से पियूष ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

पूर्व सांसद के भतीजे को मारा था गोली

करीब दो माह पूर्व नैनी के धनुहा हाइवे पर पियूष ने पूर्व सांसद श्यामाचरण के भतीजे को भी गोली मार दी थी। इलाज के बाद पूर्व सांसद का भतीजा बच गया था।

वर्जन

वह एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी थी। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज थे। उसकी कई लोगों से दुश्मनी थी। उसे गोली मारने वाले कौन थे इस बात की जांच की जा रही है। उसके पिता की तहरीर पर नामजद शैलेंद्र पटेल सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

-दीपेंद्रनाथ चौधरी

एसपी यमुनापार


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