पटना में राह चलते 'जोर का लगना' गुनाह है!

2014-01-22T12:24:42Z

Patna अदर स्टेट की कंपैरिजन में पटना में यूरिनल की कंडीशन काफी बुरी है अगर 22 लाख की आबादी पर 22 यूरिनल ही काम करते हैं तो फिर यह चौंकाने वाली बात है इसका मतलब यही हुआ कि एक लाख पटनाइट्स एक ही यूरिनल का यूज कर सकते हैं

पूरे निगम एरिया में ढूंढऩे से भी नहीं मिलती
इस वजह से पब्लिक की परेशानी हर दिन बढ़ती जाती है. यूरिनल जैसी जरूरी चीज शहर में पूरे निगम एरिया में ढूंढऩे से भी नहीं मिलती है. सगुना मोड़ से डाकबंगला तक जहां हर दिन लाखों लोगों का आना जाना होता है, ऐसी जगहों पर कहीं भी यूरिनल का अरेंजमेंट नहीं है. जंक्शन और बस स्टॉप पर टोटल पांच लाख की आबादी का आना जाना होता है.


न्यू डाकबंगला से कुम्हरार तक एक भी नहीं
इसके बावजूद दोनों जगह मिलाकर दो ही यूरिनल है.  न्यू डाकबंगला चौराहा से लेकर कुम्हरार तक एक भी यूरिनल नहीं है. पाटलिपुत्रा, राजापुर पुल, गांधी मैदान, अशोक राजपथ यानि जिधर देखिए आपको कहीं भी यूरिनल नहीं दिखेगा. इसके अलावा अगर मार्केट प्लेसेस की बात करें तो मौर्या लोक, हरिहर चेंबर, हथुआ मार्केट, पटना मार्केट, खेतान मार्केट, चाइनीज मार्केट जहां लाखों लोगों का आना जाना होता है, जहां से निगम को करोड़ों का टैक्स आता है, फिर भी इन जगहों पर यूरिनल का अरेंजमेंट नहीं है.
निगम के खजाने में 2008 से रखे हैं पैसे
निगम के पास यूरिनल बनाने के लिए 2008 से ही पैसे रखे हुए हैं. इसे बनाने के लिए फिर से 2012 और  2013 में पैसे अलॉट किए गए हैं. लेकिन आज तक खजाने में रखे 4.37 करोड़ रुपए का यूज नहीं हो पाया है. यूरिनल को लेकर लगातार एडमिनिस्ट्रेशन के पास बोर्ड और पब्लिक की कंप्लेन आती रहती है फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया है.
ठीक नहीं है किसी सर्किल की कंडीशन  
निगम के आंकड़ों पर ध्यान दें तो इसके हर सर्किल में लगे यूरिनल में अब भी कई खराब पड़े हुए हैं. नूतन राजधानी सर्किल में 14 यूरिनल में 8 खराब हैं और 6 ठीक है, पटना सिटी के 9 यूरिनल में 4 खराब और 5 ठीक हैं, बांकीपुर सर्किल के 21 यूरिनल में 10 खराब और 11 ठीक हैं और कंकड़बाग सर्किल में 1 में एक खराब पड़ा हुआ है.
कमेटी की सुनते नहीं साहब
मेयर अफजल इमाम ने बताया कि स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में यूरिनल को लेकर कई बार कहा गया है कि पुराने को रिपेयर कराया जाए और नए यूरिनल बनवाए जाएं. लेकिन अब तक ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है.
यूरिन रोकने से होती है प्रॉबलम
यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमिताभ ने बताया कि पटनाइट्स में जहां ज्यादा पानी पीने की आदत है तो दूसरी ओर यूरिन रोकने की भी हैबिट है. इस वजह से कई सारे कंप्लिकेशन जैसे यूरिनल सिंड्रोम, एयर बबल, जलन और ब्लॉडर का बड़ा हो जाना कॉमन है. ठंड में यह प्रॉब्लम अधिक बढ़ जाती है. वहीं रोड किनारे यूरिन करने से इंफेक्शन का खतरा भी होता है.
जहां है वो जाने लायक नहीं
- एयरपोर्ट के बाहर यूरिनल का गंदा अरेंजमेंट.
- जंक्शन पर सिर्फ प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ही है यूरिनल.
- मीठापुर बस स्टैंड के यूरिनल की हालत काफी खराब.
- डीएम ऑफिस में एसडीओ ऑफिस के पीछे खुले में यूरिनल.
- पीएमसीएच में राजेंद्र सर्जिकल वार्ड के सामने सिर्फ दो यूरिनल.
- सिविल सर्जन ऑफिस के पास यूरिनल की व्यवस्था नहीं.
- गांधी मैदान के चारों तरफ कहीं भी यूरिनल नहीं है.


Posted By: Inextlive

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