होम्योपैथी से गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव

2018-11-26T06:00:33Z

-होम्यो मंथन में यूके, यूपी और दिल्ली से भी पहुंचे डॉक्टर्स

-डॉक्टर्स ने पढ़े शोध पत्र, नई तकनीक की भी दी जानकारी

BAREILLY :

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस बरेली ब्रांच ने संडे को आईएमए सभागार में राजकीय स्तर के सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड के कई होम्योपैथिक डॉक्टर्स ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर डॉक्टर्स ने अपने विचार और अनुभव शेयर कर अपने शोध पत्र भी पढ़े।

पद्धति पूर्ण रूप से वैज्ञानिक

नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, दिल्ली के प्रवक्ता डॉ। शिव नारायण जैन ने कहा कि होम्योपैथी के बारे में यह भ्रांति है कि वह एक वैज्ञानिक पद्धति नहीं,लेकिन यह गलत है, होम्योपैथी पद्धति पूर्णतया सत्यता व प्रमाण पत्रों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि कुशल होम्योपैथिक चिकित्सक से इलाज करवाने पर बीमारी का पूर्ण रूप से छुटकारा भी मिल जाता है। मुरादाबाद से आए होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ। एमपी सिंह ने शल्य चिकित्सा के बाद होने वाली कठिनाईयों के होम्योपैथिक चिकित्सा से इलाज के बारे में जानकारी दी।

नई बीमारियों का इलाज भी संभव

नेमीनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज आगरा के मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ। पंकज अग्रवाल ने बताया कि होम्योपैथिक चिकित्सा में नई पैदा हो रही अनेक बीमारियों का इलाज संभव है। जिसमें नेपाह वायरस, बुखार, डेंगू, डायबटिज, हृदय रोग जैसे जटिल रोगों का भी इलाज है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक में भी डॉक्टर्स कई शोध कर चुके हैं। जिसमें बेहतरीन परिणाम भी आए हैं। कार्यक्रम में मुरादाबाद राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ। टीपी सिंह ने बच्चों में होने वाली मानसिक बीमारियों का होम्योपैथिक से इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी दी। आईआईएचपी बरेली के अध्यक्ष डॉ। अमित डेविस ने एसोसिएशन से चल रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि उनका उद्देश्य गरीब तबके तक लोगों को होम्योपैथिक दवा से इलाज पहुंचाना है। एसोसिएशन इसके लिए मुफ्त कैंप व दवाओं का वितरण भी करता है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ। सुधांशु आर्य ने लीवर से होने वाली बीमारी के बारे में बताया। इस मौके पर महासचिव डॉ। सतीश कुमार, प्रदेश सह सचिव डॉ। मून अरोरा, डॉ। दिनकर आर्य, डॉ। सीमा कुमार, डॉ। प्रवीण गुप्ता, डॉ। संजय सिंह, डॉ। जीएस रायजादा, डॉ। दीपक सक्सेना, डॉ। पल्लवी अग्रवाल, डॉ। नीतू गोयल, डॉ। रिचा जौहरी और डॉ। रोहित रस्तोगी आदि मौजूद रहे।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.