कांट्रेक्ट के वर्चस्व में हनी ट्रैप कर मारी थी ठेकेदार को गोली

2019-07-10T06:00:05Z

- हनी ट्रैप करके जाल में फंसाया था ठेकेदार को, कोलकाता में पकड़े गए आरोपी

- गोली से घायल कांट्रेक्टर के खिलाफ बिहार में दर्ज है कई केस

- पांच साल से तलाश रही थी बिहार पुलिस, हमलावर इंजीनियरिंग का स्टूडेंट

LUCKNOW: लखनऊ जंक्शन के पास ठेकेदार पर हुए जानलेवा हमले के पीछे करोड़ों रुपये के ठेके का विवाद था। ठेकेदार को हनी ट्रैप के जरिए फंसाया गया था और उसे जंक्शन के पास बुलाकर मारने का प्लान था। लड़कियों से मिलने पहुंचे ठेकेदार पर तीन हमलावरों ने ताबड़ तोड़ कई राउंड गोलियां चलाई। ठेकेदार को तीन गोली लगी और वह गंभीर रुप से घायल हो गया। रेलवे स्टेशन से जुड़ा मामला होने के चलते जीआरपी केस दर्ज कर छानबीन शुरु की। पड़ताल के बाद जो खुलासा हुआ वह भी चौंकाने वाला था। घायल ठेकेदार बिहार का शातिर अपराधी बताया जा रहा है और पांच साल से बिहार पुलिस को उसकी तलाश हैं।

नाम बदल कर शहर में ली थी शरण

लखनऊ जंक्शन के पास 2 जुलाई को दिन दहाड़े युवक को बदमाशों ने गोली मार दी थी। बदमाशों की गोलियों से घायल युवक वीरेन्द्र ठाकुर उर्फ गोरख ठाकुर ठेकेदार है और मूलरुप से बिहार का रहने वाला है। बिहार में उसके खिलाफ कई अपराधिक मामले भी दर्ज है। बिहार में 1.29 करोड़ की पार्किग की ठेकेदारी करने वाले वीरेन्द्र ठाकुर उर्फ गोरख ठाकुर पर 23 मुकदमे दर्ज हैं। वह हत्या के एक मामले में फरार था। इसके बाद से वह लखनऊ में नाम बदलकर निलमथा में रह रहा था।

हनी ट्रैप से फंसाया था ठेकेदार को

बिहार में एक ठेके के वर्चस्व को लेकर कुछ लोगों से उसका विवाद चल रहा था। वर्चस्व की जंग में विरोधी उसकी हत्या करने की साजिश रच रहे थे। कुछ दिन पहले विरोधियों ने उसे हनी ट्रैप के जाल में फंसाया था। हनी ट्रैप में फंसे गोरख ठाकुर को दो महिलाओं ने स्टेशन बुलाकर उस पर हमला कराया था। इस मामले में जीआरपी ने जब जांच की तो उसमें कुल पांच लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली। इसके बाद जीआरपी ने कोलकाता व बिहार के लिए दो अलग अलग टीमें रवाना की थी।

हमलावरों में इंजीनियरिंग छात्र भी शामिल

सोमवार को कोलकाता गई टीम ने हनी ट्रैप का काम करने वाली दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। गोरख ठाकुर पर हमला करने वाले तीन युवकों में से एक जीआरपी के हत्थे चढ़ गया है। वह इंजीनियरिंग का छात्र बताया जा रहा है। जीआरपी ने बिहार पुलिस को गोरख के ट्रॉमा सेंटर में होने की जानकारी दी लेकिन बिहार पुलिस नहीं आई और वह रेफर कराकर दिल्ली चला गया।

युवती से वीडियो कॉल कराकर फंसाया

बिहार की मूल निवासी एक महिला अब कोलकाता में रह रही है। उसने गोरख ठाकुर के बिहार के ठेके हथियाने के लिए अपने बेटी से उसे वीडियो कॉलिंग कराकर अपने जाल में फंसा लिया। ठेकेदार गोरख युवती के जाल में फंसकर ही स्टेशन आया था। उसके बाद तीन हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ कई फायर किए थे।

राजधानी के दो होटलों में बिछाया जाल

दोनों महिलाओं व तीन युवकों ने मिलकर गोरख ठाकुर को ठिकाने लगाने का जाल बिछाया था। पहले वह सीतापुर रोड के एक होटल में तीन दिन तक उसे बुलाकर वहीं हत्या करने का प्लान बनाया था, लेकिन ठेकेदार वहां नहीं गया। इसके बाद वह चारबाग इलाके के एक होटल में ठहरे। यहां से ही गोरख को उन्होंने स्टेशन बुलाकर हमला किया था।


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