हुक्का बार का बेखौैफ कारोबार

2019-09-20T06:00:26Z

पुलिस की नाक के नीचे रेस्त्रां और कैफे में चल रहा फ्लेवर्ड हुक्के का कारोबार, नशीले फ्लेवर गुड़गुड़ा रहे युवा

Meerut। शहर के रेस्त्रां और कैफे में फ्लेवर्ड हुक्के की आड़ में नशे का कारोबार चल रहा है। यंग जनरेशन फ्लेवर्ड हुक्के को स्टेटस सिंबल बना जहरीले धुएं को गुड़गुड़ाने में लगी है। दोपहर से शाम तक शहर के पॉश इलाकों में स्थित रेस्त्रां और कैफे में चल रहे हुक्का बार में हल्की रोशनी और म्यूजिक के बीच टीन एजर्स को धुआं उड़ाते देखा जा सकता है। इस नशे की गिरफ्त में ब्वॉयज के साथ-साथ ग‌र्ल्स भी कम नहीं हैं। पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस कारोबार में रेस्त्रां वाले लड़के-लड़कियों से 45 मिनट के राउंडअप (एक सेशन) के बदले 300 से 500 रूपये तक वसूल रहे हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम ने शहर के कुछ रेस्टोरेंट्स और कैफे का स्िटग ऑपरेशन किया।

पहले सकपकाया फिर वेट 69 फ्लेवर बताया

इसके लिए सबसे पहले टीम ने वेस्टर्न एंड रोड पर मौजूद एक कैफे का रुख किया। रेस्त्रां में काउंटर पर पहुंचते ही हमने ऑनर से पार्टी बुक कराने के नाम पर बात शुरू की। ऑनर ने हमें बफैट और थाली सिस्टम समझा दिया। हमने पूछा पार्टी करनी है दिल्ली से फ्रेंड्स आ रहे हैं तो फ्लेवर्ड हुक्का का क्या इंतजाम है। रेस्त्रां ऑनर पहले तो सकपकाया लेकिन जब हमने कहा कि लड़कियां हैं लड़कें हैं और जो पैसा बनेगा दे देंगे, तो वह अपने फ्लो में आ गया। साथ ही कहने लगा कि कितने लोग हैं जो हुक्का पीएंगे। मैंने 15 से 20 लोग बताए और पूछा कि फ्लेवर्ड में क्या क्या मिल जाएगा। इसके बाद ऑनर ने कहा कि हम बीयर, ट्रीपल एक्स और वेट 69 का बेस बनाकर दे देंगे।

हर तरफ फैला था धुआं ही धुआं

यही हाल शास्त्रीनगर स्थित एक और रेस्त्रां में भी मिला। इस रेस्त्रां में जैसे ही हम पहुंचे तो देखा कि एक कॉर्नर टेबल पर कुछ लड़के-लड़कियां फ्लेवर्ड हुक्का पी रहे हैं। रेस्त्रां में हर तरफ धुआं ही धुआं फैला हुआ था। हमने ऑनर को बुलाया और उससे पूछा कि शादी से पहले दोस्त बैचलर पार्टी करना चाहता है तो फ्लेवर्ड हुक्के का क्या सीन रहेगा और क्या चार्ज लगेगा। ऑनर ने कहा कि हुक्का हो जाएगा लेकिन 45 मिनट के हिसाब से पेमेंट करनी होगी। हमने पूछा 45 मिनट का क्या मतलब हुआ तो ऑनर बोला एक बार फिलिंग करने पर फ्लेवर्ड हुक्का 45 मिनट तक चलता है। 4 से 5 लोग आराम से इसमें राउंडअप कर सकते हैं। नेक्स्ट फिलिंग का चार्ज अलग से लगेगा और हर फीलिंग के साथ फ्लेवर चेंज कर सकते हैं। मैंने फ्लेवर के बारे में पूछा तो ऑनर बोला दुबई से लेकर लोकल पान समेत टकीला और एम जूना तक का फ्लेवर मिल जाएगा, चिंता मत कीजिए।

कोर्ड वर्ड है शीशा

नाम न छापने की शर्त पर जागृति विहार के एक युवक ने बताया कि हम लोग व्हाट्सऐप के जरिए अपने दोस्तों को हुक्का बार पहुंचने का मैसेज देते हैं। कई बार इसके लिए कोड वर्ड का प्रयोग किया जाता है, तो कई बार इसके लिए सिर्फ हुक्के का फोटो भेजकर जगह का नाम लिखकर मैसेज किया जाता है। छात्र ने बताया कि कोड वर्ड में हुक्के को शीशा कहा जाता है। शीशे तक युवाओं की पहुंच बहुत आसान है। रेगुलर शीशे के लिए उन्हें 300 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। प्रीमियर शीशे के लिए 425 रुपये और पर्ल कंबो शीशे का रेट 555 रुपये है।

फ्लेवर्ड हुक्के के नशीले फ्लेवर

टकीला

ट्रिपल एक्स

वेट 69

बीयर फ्लेवर

वोदका

ग्रीन एप्पल

रोमोनोव

ये हैं दिखावे वाले फ्लेवर

मार्केट में ग्राहकों को लुभाने के लिए डिफरेंट फ्लेवर मौजूद हैं। इनमें रोमियो जूलियट, मांबा-जांबा, दुबई स्पेशल, एम जूना, वनीला, गुलाब, जासमीन, शहद, आम, स्ट्राबेरी, तरबूज, पुदीना, मिंट, चेरी, नारंगी, रसभरी, सेब, एप्रीकोट, चाकलेट, मुलेठी, काफी, अंगूर, पीच, कोला, बबलगम, पाइन एप्पल आदि।

हर कश में 4 हजार जानलेवा रसायन

डॉक्टर्स और एक्सपर्ट की मानें तो बिना नशे के फ्लेवर वाला हुक्का भी कम खतरनाक नहीं है। दरअसल, ये फ्लेवर तंबाकू वाले नहीं है, लेकिन इसमें हुक्का शीशे का होता है।

हर कश में ये जहरीले तत्व

डॉक्टर्स के मुताबिक हुक्के के धुएं में फ्लेवर्ड हुक्के के धुएं में एसीटोन, अमोनिया, नैफ्थेलैमिन, मेथोनॉल, पाइरीन, डाई मैथिल, नाइट्रो सैमीन, नफ्थैलीन, केडमियम, कार्बन डाइमोनोआक्साइड, बेंजोपाइरीन, वाइनिल क्लोराइड, हाइड्रोजन साइनायड, टोल्यूडिन, युरेथैन, टल्यूइनस, आर्सेनिक, डाय बैंजो क्रीडीन, फिनोल, ब्यूटेन, डीडीटी आदि हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं।

फैक्ट्स

45 मिनट के हुक्का राउंडअप या कहिए कि सेशन में आप एक सिगरेट से 36 गुना ज्यादा टार व 70 फीसदी ज्यादा निकोटीन निगल जाते हैं।

हुक्के में पानी की जगह शराब, बीयर या सोडा का यूज करते हैं तो शराब और धुआं एक साथ निगलना और भी ज्यादा खतरनाक है।

हर्बल हुक्का जैसे मिथकों में यकीन न करें क्योंकि अगर मान भी लें कि शीशे में तंबाकू नहीं है तब भी चारकोल तो जलेगा ही। इसी का धुआं आप निगलेंगे। इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड और कैंसर कारक कार्सिनोजेन भरपूर मात्रा में आप निगल जाएंगे।

मेरठ में रेस्त्रां और कैफे वाले उज्जैन के देवास तक से हुक्के के फ्लेवर्स मंगा रहे हैं।

फ्लेवर्ड हुक्के के लिए शीशा चारकोल और सभी एसेसरीज ऑनलाइन सोशल साइट्स भी आसानी से मिल रही हैं। साथ ही पोर्टेबल पेन हुक्का, इलेक्ट्रॉनिक हुक्का भी मिल रहे हैं।

ईएनडीएस क्या है

दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) में ई सिगरेट और ई हुक्का और फ्लेवर्ड हुक्का आदि शामिल हैं। ई सिगरेट और ई हुक्का बैटरी संचालित होते हैं। इनमें शरीर में निकोटिन पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग होता है। ई सिगरेट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक इंहेलर है, जिसमें निकोटिन और अन्य केमिकल युक्त लिक्विड भरा जाता है। इंहेलर बैट्री की ऊर्जा से इस लिक्विड को भाप में बदल देता है, जिससे पीने वाले को सिगरेट का अहसास होता है। ज्यादातर ई सिगरेट में जो केमिकल भरा जाता है वो लिक्विड निकोटिन होता है। इसी तरह हुक्का बार में फ्लेवर्ड ई लिक्विड होता है, जिसका लगातार सेवन शरीर के एंटी बैक्टीरियल सिस्टम को तहस-नहस कर देता है।

ई-सिगरेट के वेपर को गर्म करने के लिए क्वाइल का इस्तेमाल होता है। क्वाइल में निकोटिन, फार्मालडिहाइड, फेनाले, टिन, निकिल, कॉपर, लेड, क्रोमियम, आर्सेनिक एवं डाई एसेटाइल मेटल हैं, जो शरीर के लिए बेहद घातक होते हैं।


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