एएन झा में छात्रों की लाईब्रेरी ने दिखायी उम्मीद की किरण

Updated Date: Mon, 22 Apr 2019 12:19 AM (IST)

हॉस्टल के केवल एक कमरे में मिला अवैध कब्जा

मुस्लिम बोर्डिग और हालैंड हाल के 37 कमरों में रह रहे लोग भागे

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PRAYAGRAJ: ऐसे समय जब इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के हास्टल्स से लगातार बम और बारुद निकल रहे हैं, शनिवार को एएन झा हास्टल ने अराजकता के अंधकार में उम्मीद की रोशनी जलायी. विवि प्रशासन और पुलिस बल ने सुबह 10 बजे हास्टल में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया तो प्रशासनिक अधिकारी यहां के कमरों को देखकर खुश हो गए. उनका कहना था कि छात्रावास का गौरव यहां देखने को मिल रहा है.

कमरा नम्बर 115 सील

छात्रावास में ज्यादातर छात्रों ने खुद के कमरे में लाईब्रेरी बना रखी थी. छात्रों ने अफसरों को हास्टल के इतिहास समेत साहित्यिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी. यहां के कई शोध छात्र आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. अन्त:वासियों का कहना है कि मेस को विश्वविद्यालय अनुदान देकर चलाए और स्ट्रक्चर सिंगल विंडो हो तो अच्छा होगा. शनिवार को एएन झा हास्टल में चलाए गए अभियान में केवल एक कमरा कक्ष संख्या 115 अवैध चिन्हित किया गया जो मो. इरशाद नामक शोध छात्र को आवंटित था. उसकी जगह पर कोई और अवैध व्यक्ति कक्ष में रह रहा था. इसे सील कर दिया गया.

सामान को निकालकर बाहर किया

मुस्लिम बोर्डिग हाऊस की भी सघन तलाशी कराई गई. इस छात्रावास के कुल 12 कमरे सीज किए गए. इन कमरों में रह रहे संदिग्ध जांच आरम्भ होने के पूर्व ही कमरा छोड़कर भाग गए थे. विलियम हालैंड हाल छात्रावास में तलाशी के समय कुल 25 कमरों में अवैध लोगों को दूसरे के नाम पर रहते हुए पाए गए. उनके सामान को बाहर करते हुए कमरे को सीज कर दिया गया है.

छात्रसंघ महामंत्री ने दागे कई सवाल

छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह का कहना है कि उच्च न्यायालय की आड़ में जो बर्बरता व जुल्म निर्दोष छात्रों पर ढाए गए, छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने भी सौगंध खाई है कि इसका हिसाब पुलिस प्रशासन व विवि प्रशासन को देना होगा. कहा है कि भाइयों के दर्द को हम भूलेंगे नहीं और लोकसभा चुनाव के बाद पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा.

इन सवालों पर लड़ेंगे

विवि का भोजनालय नही है तो छात्र बिना निजी उपकरणों के भोजन कैसे बनाएंगे और क्या खाएंगे ?

छात्र इतनी गर्मी में कूलर नहीं लगा सकते तो शिक्षक वातानुकूलित संसाधनों का प्रयोग कैसे कर रहे हैं?

बिजली उपकरणों के उपयोग से हमें मोहताज रखना ही है तो बीते वर्षो में छात्रावास शुल्क क्यों बढ़ाया गया?

इविवि की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रवेश लेने वाला छात्र गुंडा कैसे हो सकता है? यदि है तो विवि भी अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करे.

छात्रावास ही क्यों टीचर्स की कॉलोनी में अवैध कब्जे पर कार्रवाई क्यों नही?

छात्रावासों में पुस्तकालय की व्यवस्था क्यों नही?

छात्रावासों में पुलिस बलों की तैनाती क्यों नही?

कमरों से चोरी किए गए छात्रों के सामानो की भरपाई कौन करेगा?

Posted By: Vijay Pandey
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