ओटी में सर्जन संग आईआईटी के इंजीनियर

2018-05-05T07:00:36Z

-इनोवेशन के लिए आईआईटी के छात्र केजीएमयू की ओटी में बिताएंगे समय

-केजीएमयू का आईआईटी कानपुर संग एमओयू

-जरूरत के हिसाब से विकसित करेंगे तकनीक

LUCKNOW :

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ऑपरेशन थिएटर में अब डॉक्टर्स के साथ आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट और इंजीनियर्स भी होंगे। वे ऑपरेशन थिएटर में मरीज के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर्स की जरूरतों और मरीजों की समस्याओं को समझेंगे। जिसके बाद दिक्कतों को दूर करने के लिए आधुनिक तकनीक डेवलप की जाएगी। आईआईटी कानपुर के 11 स्टूडेंट्स की टीम ने शुक्रवार को केजीएमयू में समर इंटर्नशिप शुरू कर दी है। जिसका मेन मकसद है, मरीजों के इलाज के लिए नई तकनीक विकसित करना है। पूरे देश में अपनी तरह का यह पहला प्रयास है।

दोनों संस्थानों के डीन ने साइन किया एमओयू

शुक्रवार को केजीएमयू की डीन प्रो। मधुमति गोयल और आईआईटी कानपुर के डीन डॉ। डीवी फनी ने एमओयू साइन किया। इस दौरान वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट, डीन रिसर्च प्रो। आरके गर्ग, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो। प्रो। जीपी सिंह और संयोजक प्रो। ऋषि सेठी, प्रो। एके त्रिपाठी, एराज मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो। अब्बास अली मेंहदी, आईआईटी कानपुर के प्रो। जानकी सेन और काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी से डॉ। हुमा मौजूद रहे।

बनेगा सेंटर फार एक्सीलेंस

संयोजक प्रो। ऋषि सेठी ने बताया कि इस समझौते के तहत केजीएमयू में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन की स्थापना की जाएगी। इसका दूसरा सेंटर आईआईटी कानपुर में होगा। समझौते के तहत डॉक्टर्स की जरूरतों के अनुसार ऐसी तकनीक विकसित की जाएगी जो इंजीनियरिंग की मदद से सॉल्व की जा सकती है। जो भी टेक्नोलॉजी विकसित की जाएगी उनका केजीएमयू और आईआईटी कानपुर के नाम से पेटेंट कराया जाएगा।

स्टूडेंट भी पहुंचे साथ

प्रो। ऋषि सेठी ने बताया कि आईआईटी के स्टूडेंट प्रो। अमिता बंधोपाध्याय भी शुक्रवार को आ गए हैं। वे कार्डियोलॉजी, सीवीटीएस, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी, इंडोक्राइन सर्जरी व अन्य विभागों में तीन तीन दिन रहेंगे। आईआईटी के छात्रों ने डॉक्टर्स से कहा कि वे अपनी समस्याएं बताएं। वे उन्हें समझने के लिए रात दिन वार्ड और ओटी में बिना सोए ही समय बिताने को तैयार हैं।

कोई भी बता सकता है आइडिया

प्रो। ऋषि सेठी ने बताया कि इनोवेशन के लिए ये सभी प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें डॉक्टर और इंजीनियर मिलकर काम करेंगे। ताकि मरीजों का तकनीक की मदद से इलाज आसान किया जा सके। केजीएमयू के सभी प्रोफेसर, रेजीडेंट डॉक्टर, एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य कोर्स कर रहे स्टूडेंट और कर्मचारी भी अपने आइडिया को शेयर कर सकते हैं। जिस पर एक्सप‌र्ट्स की टीम काम करेगी। इसके लिए साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग मदद कर रहा है।


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