प्रतिभा के 'शिखर' पर पहुंचे IIT टॉपर ने ठुकराया माइक्रोसॉफ्ट का ऑफर

Updated Date: Sat, 13 Jun 2015 08:28 AM (IST)

ये तो जगजाहिर है कि भारतीय प्रतिभा की मांग दूर-दूर तक है। यहां के आईआईटी टॉपर्स को विदेशी कंपनियां खुद अपने यहां जगह देने के लिए इच्‍छुक रहती हैं। ऐसे में किसी भारतीय की ओर से विदेश की जानी-मानी कंपनी के ऑफर को ठुकरा देना कोई छोटी बात नहीं है। इसके विपरीत ऐसा हुआ है आईआईटी खड़गपुर के एक होनहार स्‍टूडेंट के साथ।


कुछ ऐसी है जानकारी खबर है कि आईआईटी खड़गपुर के हर विभाग में बीटेक में सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाले एक छात्र ने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी की ओर से आई जबरदस्त  पेशकश को ठुकरा दिया है। इस छात्र ने उस कंपनी के ऑफर को ठुकराते हुए अकादमिक क्षेत्र से जुड़े रहने का फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार इस छात्र का नाम शिखर पत्रनबीस है। शिखर ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में इस साल 9.87 अंक हासिल किए हैं। इसके साथ ही वह इस साल सबसे ज्यादा अंक  हासिल करने वाला छात्र बन गया है। किया जा सकता है सम्मानित
शिखर को लेकर इस बात की भी खबर सुनने में आ रही है कि उसे इस साल 'प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया गोल्ड मेडल' से सम्मानित किया जा सकता है। अब अगर बात करें आईआईटी के इस होनहार टॉपर के रुझान की तो शिखर को शोध से काफी लगाव है। इनके इस लगाव का अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में इन्होंने माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी की ओर से मिले मोटे वेतन की नौकरी का प्रस्ताव भी अस्वीकार कर दिया। ऐसा कहना है शिखर का


अब भविष्य को लेकर शिखर ने आईआईटी परिसर में ही रहते हुए किसी बड़े सिस्टम में लगे कंप्यूटर एंबेडेड सिस्टम के हार्डवेयर की सुरक्षा पर PHD करने का मन बनाया है। एक साक्षात्कार के दौरान इन्होंने बताया कि वह बीटेक करने के बाद किसी कॉरपोरेट कंपनी में नहीं जाना चाहते। उनकी रुचि शोध व अकादमिक क्षेत्र में है। इस बारे में उनकी कोई दूसरी राय नहीं रही। उन्होंने बताया कि उनके इस फैसले में उनके सभी शिक्षकों व उनके परिवार ने उनका पूरा-पूरा साथ दिया है। इनको लेकर आईआईटी खड़गपुर के निदेशक पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती कहते हैं कि आमतौर पर यह चलन रहा है कि ऊंची रैंक वाले एक-दो छात्र PHD करने के लिए आईआईटी में ही रुकते हैं, लेकिन शीर्ष रैंकर यहां रुक जाएं, ऐसा तो कभी-कभी ही होता है।Hindi News from Business News Desk   

Posted By: Ruchi D Sharma
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