अवैध निर्माण को 'संजीवनी'

2019-02-21T06:01:15Z

शहर के हजारों अवैध निर्माण पर मंडरा रहा ध्वस्तीकरण का खतरा

आवास-विकास ने अवैध निर्माण को वैध करने के लिए भेजा प्रस्ताव

Meerut। शहर के हजारों अवैध निर्माण पर मंडरा रहा ध्वस्तीकरण का खतरा एक बार फिर स्थाई रूप से टलने की संभावना प्रबल हो गई है। शासन स्तर पर अवैध निर्माणों को वैध करने के लिए मॉडल शमन योजना 2019 तैयार की गई है। इस योजना के स्वीकृत होने के बाद निर्धारित शुल्क देकर अवैध निर्माण के मालिक अपने निर्माण को वैध करा सकेंगे।

मंजूरी का इंतजार

आवास-विकास के ईएक्सईएन प्रमोद कुमार ने बताया कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। इस शमन योजना से मेरठ के उन हजारों व्यापारियों समेत आम नागरिक भी इसका लाभ ले सकेंगे, जिनको आवास-विकास द्वारा सीलिंग या ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया जा चुका है। इसमें सबसे प्रमुख शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट का मुद्दा है।

फिर जगी उम्मीद

साल 2005 में अवैध निर्माण को वैध करने के लिए स्वैच्छिक शमन योजना को तैयार किया गया था। सपा सरकार के कार्यकाल में शमन शुल्क योजना को हरी झंडी भी मिल गई थी लेकिन कुछ समय बाद योजना को बंद कर दिया गया था। अब दोबारा अवैध निर्माण को वैध करने के लिए शमन नीति को कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।

व्यापारियों को होगा फायदा

मेरठ में शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट समेत जयेदवी नगर, जागृति विहार, माधवपुरम, मंगलपाडेय, शास्त्रीनगर में हजारों की संख्या में अवैध निर्माण आवास-विकास के जी का जंजाल बन चुके हैं। सेंट्रल मार्केट के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण को लेकर कई बार व्यापारी व प्रशासन आमने-सामने आ चुके हैं। वहीं अब मामला कोर्ट में चल रहा है और ऐसे में व्यापारी कई बार शमन नीति की मांग भी कर चुके हैं।


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