संगीन अपराधों में कमी तो दहेज मामलों में मौत का बढ़ा ग्राफ यहां देखें यूपी का रिपोर्ट कार्ड

2018-06-12T17:20:44Z

प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्ती का असर दिखने लगा है। हाल ही में यूपी पुलिस ने शुरुआती पांच महीनों के अपराध के आंकड़े जारी किये हैं।

* यूपी पुलिस ने जारी किये शुरुआती पांच महीनों के अपराध के आंकड़े
*
पिछले साल के मुकाबले संगीन वारदातों में कमी
पांच महीनों में क्राइम ग्राफ में कमी आई

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ  पुलिस की सख्ती का असर दिखने लगा है। यही वजह है कि हत्या, लूट, रेप, डकैती जैसी घटनाओं में पिछले साल के मुकाबले कमी दर्ज की गई है। हालांकि, दहेज को लेकर मौ जिनमें दहेज हत्या के साथ ही दहेज के लिये सुसाइड भी शामिल हैं, का आंकड़ा पुलिस की चिंता बढ़ाने वाला है। यूपी पुलिस ने साल के शुरुआती पांच महीनों का आंकड़ा जारी किया है, जिसमें क्राइम कंट्रोल की असल हकीकत निकलकर सामने आई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 की 1 जनवरी से 31 मई के बीच घटित हुई आपराधिक घटनाओं के मुकाबले इस साल शुरुआती पांच महीनों में क्राइम ग्राफ में कमी आई है। उन्होंने बताया कि जहां पिछले साल इस मियाद में प्रदेश भर में 1594 हत्याएं हुई थीं,

संगीन घटनाओं में कमी से ऑफिसर्स संतुष्ट

वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 1546 रहा। इसी तरह डकैती की 109 घटनाओं के मुकाबले इस वर्ष इनकी संख्या सिर्फ 58 रही। लूट की घटनाओं में भी इस साल कमी देखी गई। पिछले साल शुरुआती पांच महीनों में 1563 लूट की घटनाएं हुई थीं, वहीं इस साल 1259 घटनाएं हुईं। बलवे के मामलों में भी कमी दर्ज की गई। पिछले साल जहां 3020 बलवे की  घटनाएं हुईं वहीं, इस साल यह संख्या पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कम यानि  2990 रही। रेप के मामले में भी मामूली कमी देखी गई। पिछले साल इस मियाद में 1572 रेप तो इस साल यह संख्या 1522 रही।संगीन आपराधिक घटनाओं में कमी के उलट दहेज हत्या के मामलों में इजाफा पुलिसकर्मियों की चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले साल के शुरुआती पांच महीनों में प्रदेश में 835 महिलाओं की दहेज को लेकर हत्या या सुसाइड हुआ था।

दहेज हत्या पर नहीं लग पा रही लगाम

वहीं, इस साल इसमें बढ़ोत्तरी हुई और यह आंकड़ा 867 पर पहुंच चुका है। इसी तरह फिरौती के लिये अपहरण के मामले में भी मामूली इजाफा देखा गया। पिछले वर्ष जहां 12 वारदात सामने आई थीं, वहीं इस साल 14 घटनाएं अंजाम दी गईं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार दहेज को लेकर हो रही महिलाओं की मौत पर चिंता जताते हुए कहते हैं कि दरअसल, किसी महिला को उसके ससुरालीजन प्रताडि़त कर रहे हैं तो शुरुआती दौर में पुलिस को इसकी शिकायत नहीं मिलती। परिजन संबंधों को सुधारने में जुटे रहते हैं। कई मामलों में उनकी कोशिश नाकाम रहती है और नतीजा महिला के साथ किसी अनहोनी के रूप में सामने आता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी पुलिस ऑफिसर्स व कर्मियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी महिला या युवती की शिकायत मिले तो उस पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जाए।
किन अपराधों में कितनी कमी
अपराध              वर्ष 2018           वर्ष 2017
हत्या                   1594               1546
लूट                    1563               1259
डकैती                   109                  58
रेप                      1572              1522
बलवा                   3020              2904
दहेज मृत्यु               835                867
सेंंधमारी                 3289              2990
कमी लाने की कोशिश की जा रही
प्रदेश भर में सख्त पुलिसिंग की वजह से आपराधिक घटनाओं में कमी दर्ज की गई है जो कि उत्साहजनक है। इन घटनाओं में और भी कमी लाने की कोशिश की जा रही है।
आनंद कुमार एडीजी लॉ एंड ऑर्डर

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