Ind vs Aus: भारत को जीत दिलाने का रोज सपना देखते थे पंत, गाबा टेस्ट जीवन भर रहेगा याद

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट जीतकर टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। भारत ने कंगारुओं के खिलाफ 2-1 से सीरीज जीती। इस जीत के हीरो रिषभ पंत रहे जिन्होंने नाबाद 89 रन की पारी खेलकर भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। इस जीत को लेकर पंत का कहना है कि यह उन्हें जीवन भर याद रहेगी।

Updated Date: Tue, 19 Jan 2021 04:11 PM (IST)

ब्रिस्बेन (पीटीआई)। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद, रिषभ पंत ने मंगलवार को ऐतिहासिक जीत को अपने जीवन का "सबसे बड़ा पल" बताया। पंत ने पांचवें दिन चुनौतीपूर्ण ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के सामने शानदार बैटिंग की। बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने 89 रन की नाबाद पारी खेली। जिसके चलते भारत ने 3 विकेट से गाबा टेस्ट जीता और सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

रोज देखते थे सपना, आज हुआ पूरा
पंत ने मैच के बाद के प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, "यह अब मेरे जीवन के सबसे बड़े पलों में से एक है, और मुझे खुशी है कि जब मैं नहीं खेल रहा था तब भी सभी सहयोगी स्टाफ और मेरे सभी साथियों ने मेरा साथ दिया।" युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ने इस टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है। पहले पंत ने सिडनी में दूसरी पारी में 97 रनों की जुझारू पारी खेली थी और मंगलवार को यहां फिर से मैच विनिंग इनिंग से दिल जीत लिया। पंत ने कहा, 'यह एक ड्रीम सीरीज है। टीम प्रबंधन हमेशा मुझे बैक करता है और मुझसे कहता है, आप मैच विजेता हैं और आपको टीम के लिए मैच जीतना है। मैं हर दिन यह सोचता रहता हूं कि मैं भारत के लिए मैच जीतना चाहता हूं, और मैंने आज यह कर दिखाया।” पिच के बारे में पूछे जाने पर पंत ने कहा था कि, "यह पांचवे दिन की पिच थी और गेंद थोड़ी टर्न ले रही थी। मुझे लगा कि मुझे अपने शॉट चयन से अनुशासित होना होगा।"

रहाणे ने की पूरी टीम की तारीफ
विराट कोहली की अनुपस्थिति में भारत का नेतृत्व करने वाले रहाणे ने कहा, "यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे नहीं पता कि इसका वर्णन कैसे किया जाए, लेकिन हमारे लड़कों ने एडिलेड टेस्ट के बाद बहुत दृढ़ संकल्प दिखाया। मुझे वास्तव में प्रत्येक खिलाड़ी पर गर्व है।' रहाणे ने आगे कहा, '20 विकेट लेना महत्वपूर्ण था, इसलिए हमने पांच गेंदबाजों को चुना। सुंदर ने (रवींद्र) जडेजा की कमी पूरी की। पांच गेंदबाजों को खेलने का इरादा साफ था। (मोहम्मद) सिराज ने दो टेस्ट खेले, (नवदीप) सैनी सिर्फ एक, इसलिए यह अनुभवहीन था लेकिन गेंदबाजों और अन्य सभी ने जो प्रदर्शन दिखाया वह अविश्वसनीय था।"

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari
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