अपने अमेरिकी समकक्ष जेम्स मैटिस से मिलीं भारतीय रक्षा मंत्री सीतारमण रक्षा क्षेत्र को विकसित करने पर हुई सहमति

2018-12-04T15:55:21Z

भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण इन दिनों पांच दिवसीय अमेरिकी यात्रा पर हैं। सोमवार को वे पेंटागन में अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से मिलीं।

वाशिंटन (पीटीआई)। भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पांच दिनों के लिए अमेरिका की यात्रा पर हैं। सोमवार को पेंटागन में उन्होंने अपने अमेरिकी समकक्ष जेम्स मैटिस से मुलाकात की। दोनों नेता भारत में रक्षा क्षेत्र को अधिक विकसित करने पर सहमति हुए हैं। मैटिस ने मुलाकात के बाद कहा, 'अमेरिका और भारत पहले के विवाद को दूर कर रहे हैं, हमारे बीच दोस्ती भी गहरी हो रही हो और हमारी तरफ से रणनीतिक स्वायत्तता और रणनीतिक साझेदारी के बीच कोई विरोध नहीं है।' इसके बाद उन्होंने कहा कि रूस से खरीदे गए आधुनिक मिसाइल से अमेरिका को आपत्ति थी, हमारा देश इस काम के लिए भारत पर प्रतिबंध भी लगा सकता था लेकिन इस मसले को भी बातचीत से खत्म कर लिया जायेगा।
आतंकवाद पर पाकिस्तान को संदेश
इसके अलावा मैटिस ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद पर कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, 'हम हर जिम्मेदार देश से दक्षिण एशिया और अफगानिस्तान में शांति का समर्थन करने की उम्मीद कर रहे हैं। यह समय है कि हर कोई संयुक्त राष्ट्र, प्रधानमंत्री मोदी, अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी और उन सभी लोगों का समर्थन करे, जो शांति बनाए रखने और दुनिया को बेहतर स्थान बनाने के प्रयास में जुटे हैं।' बता दें कि पेंटागन के बाद भारतीय रक्षा मंत्री सीतारमण अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दौरान कैलिफोर्निया में रक्षा विभाग के रक्षा नवाचार इकाई और हवाई में भारत-प्रशांत कमान मुख्यालयों का दौरा भी करेंगी।
 
2+2 वार्ता में हुई मुलाकात
गौरतलब है कि इससे पहले जेम्स और सीतारमण की मुलाकात नई दिल्ली में हुए 2+2 वार्ता के दौरान हुई थी।  2+2 वार्ता में भारत के रूस और ईरान से संबंध, आतंकवाद, एच 1 बी वीजा जैसे खास मुद्दों पर बातचीत हुई, दोनों देशों ने COMCASA समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। COMCASA समझौते के तहत अमेरिका भारत को अपने एडवांस्ड सुरक्षा तकनीकों को बेच सकता है। इस रक्षा संचार तकनीक से भारत हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों पर नजर रख सकेगा। इस समझौते की अवधि सिर्फ 10 साल तक है।

यूएस-इंडिया 2+2 वार्ता : दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद भारत को ये हुए फायदे


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.