हाल ही में भ्रष्टाचार विरोधी वैश्विक नागरिक संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने एक भ्रष्‍टाचार-घूसखोरी के मामलों पर सर्वेक्षण र‍िपोर्ट पेश की है। ज‍िसमें एश‍िया के सर्वाधि‍क भ्रष्‍ट देशों में भारत का नाम सामने आया है। वहीं सर्वेक्षण में एक बात और चौकाने वाली सामने आई है। भारत में लोगों को वर्तमान सरकार से काफी उम्‍मीदे हैं। यहां की जनता को लगता है क‍ि पीएम मोदी इस पर काफी हद तक काबू पा लेंगे। आइए जानें इस सर्वेक्षण से जुड़ी खास बातें...


इन क्षेत्रों में घूसखोरी बढ़ीजी हां भ्रष्टाचार विरोधी वैश्विक नागरिक संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (टीआई) की यह सर्वेक्षण रिपोर्ट जुलाई 2015 और जनवरी 2017  के बीच की है। इसमें इंडिया, चीन, इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम, साउथ कोरिया, हांगकांग, कंबोडिया, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ताइवान, म्यामार, श्रीलंका, थाईलैंड आदि देश इसमें शामिल रहे। 16 देशों के करीब 21861 लोगों से बात की गई है। जिसमें भ्रष्टाचार के प्रति उनके अनुभव और विचार सामने आए हैं। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भ्रष्टाचार व घूसखोरी के इस अध्ययन में भारत को सर्वाधिक घूसखोरी वाला देश बताया गया है। रिपोर्ट में रिश्वत खोरी के सबसे ज्यादा मामले पब्लिक स्कूल, सार्वजनिक क्लीनिक या अस्पताल, सरकारी दस्तावेज, पुलिस और अदालतों में सामने आए हैं। पीएम मोदी से बड़ी उम्मीदें
एनडीए ने भ्रष्टाचार मिटाने का वादा किया था। जिसमें 2 जी स्पेक्ट्रम, कोयला आवंटन और सीडब्ल्यूजी घोटालों के मामलों को उजागर करने और भ्रष्टाचार मिटाने का वादा खुद पीएम मोदी ने किया था। जिससे आज बड़ी संख्या में भारतीयों को अपने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़ी उम्मींदे और उन पर भरोसा है। रिपोर्ट में साफ हुआ है कि पीएम मोदी के नोटबंदी जैसे प्रयास सफल भी हो रहे हैं। भारत की तरह दूसरे देशों में भी अपनी सरकारों से उम्मीद है। भ्रष्टाचार के स्तर को लेकर पांच लोगों में से एक व्यक्ति को लगता है कि इसके स्तर में कमी आ रही है।

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Posted By: Shweta Mishra