India vs Bangladesh Pink Ball Test: मेरठ में बनी है पिंक बॉल, यह है इसकी खासियत बनाने वाले ने खोला राज

Updated Date: Fri, 22 Nov 2019 08:47 PM (IST)

भारत बनाम बांग्लादेश के बीच पहला पिंक बाॅल टेस्ट शुक्रवार से कोलकाता में खेला जाएगा। आइए जानें गुलाबी गेंद की खासियत के बारे में।


मेरठ (ब्यूरो)। इन दिनों पिंक बॉल की चर्चा क्रिकेट के हर गलियारे में है। दरअसल, इस चर्चा का होना लाजमी भी है क्योंकि देश में पहली बार भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाला ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट मैच कोलकाता के ईडन गार्डन पर खेला जाना है। इस बाबत एसजी कंपनी के मार्केटिंग डायरेक्टर पारस आनंद ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट को फोन पर हुई बातचीत में बताया कि वो खुद, 22 नवंबर का इंतजार कर रहे हैैं। उन्होंने बताया कि गुलाबी गेंद लाल गेंद की तुलना में ज्यादा स्विंग करती है। पारस ने बताया कि भारत में पहली बार डे-नाइट टेस्ट मैच में हमारी गेंद का इस्तेमाल हो रहा है। ये एक ऐसा मौका होगा, जब खिलाड़ियों के साथ-साथ हमें, क्यूरेटर्स, मैदान कर्मचारी सबके कुछ नया देंगे और सीखेंगे।रिवर्स स्विंग है एक चुनौती
पारस ने बताया कि गेंद की रिवर्स स्विंग पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। गुलाबी गेंद के लिए ये एक चुनौती है और इस टेक्निक पर काम किया जा रहा है। पारस ने बताया कि कोलकाता में टेस्ट मैच के लिए एसजी की 24 गुलाबी गेंद भेजी गर्ई हैैं। 72 गेंद बीसीसीआई और 24 गेंद इंदौर भेजी गई हैैं।गुलाबी गेंद की १ासियतों पर एक नजर


जब पारस आनंद से गुलाबी गेंद की खासियत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये गेंद फ्लड लाइट में बहुत खूबसूरत नजर आती है।- इसी वजह से एसजी की इस खास रंग की गेंद की सिफारिश ब्रॉडकास्टर ने बोर्ड से की लेकिन, यह गेंद फ्लड लाइट में कहर ढाती है।- खासकर जब स्पिनरों के हाथ से गेंद निकलती है तो उसे विकेट पर टर्न होते देना कमाल होता है। जिस पिच पर ज्यादा घास होती है वहां गुलाबी गेंद बेहद मददगार साबित होती है।- दुनिया में अब तक 11 डे-नाइट टेस्ट मैच होते हैैं जिनमें पिचों पर ज्यादा घास छोड़ी गई थी। ऐसी कंडीशन फास्ट बॉलर्स के लिए कमाल कर जाती है।- आनंद ने बताया कि गुलाबी गेंद लाल और सफेद गेंद का ही मिला-जुला रूप है।- साथ ही इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शुरुआती 20 ओवर के स्पैल में लाल गेंद के मुकाबले कहीं ज्यादा स्विंग होती है।- उन्होंने बताया कि इसका कोर भी लाल गेंद वाला ही है मगर कलर करने वाली प्रक्रिया सफेद गेंद वाली है।- डे-नाइट टेस्ट मैच दोपहर करीब 1 बजे के आसपास शुरू होगा तो दोपहर के वक्त पिच पर नमी नहीं होगी

- ऐसे में बॉलर्स पिच का फायदा कैसे उठा पाएंगे इस पर पारस ने बताया कि चाहे धूप हो या छांव, गुलाबी गेंद स्विंग जरूर करेगी।meerut@inext.co.in

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari
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