चीनी सेना द्वारा समय समय पर होने वाले विवाद को सुलझाने के मकसद से आर्मी जनरल बिक्रम सिंह चीन यात्रा पर गए हैं. इस यात्रा पर वह चीन के सैन्‍य अधिकारियों से बात करेंगे.


सीमा विवाद पर हुई बातआर्मी जनरल बिक्रम सिंह भारत-चीन सीमा विवाद को सुलझाने के मकसद से चीन दौरे पर गए हैं. इस दौरे पर वे सीमा पर शांति बहाल करने की कोशिश करेंगे. इस विजिट में जनरल बिक्रम सिंह चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी  के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल फांग फेंगहुई और कई अन्य उच्च अधिकारियों से मिले. इस मुलाकात में जनरल ने नये सीमा सिक्योरिटी अरेंजमेंट को इंप्लीमेंट करने तथा नेवल सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर बातचीत की.2014 होगा दोस्ताना आदान-प्रदान का वर्ष
आर्मी जनरल बिक्रम सिंह ने अपनी चाइना विजिट में पीएलए के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल फेंगहुई के साथ भारत-चीन बॉर्डर पर शांति की अपील की. इसके साथ ब्रिकम सिंह ने समुद्री सहयोग, आर्मड फोर्सेस के बीच कम्यूनिकेशन और ग्लोबल सिक्योरिटी जैसे मामलों पर चर्चा की. गौरतलब है कि वर्ष 2014 चीन और भारत के बीच 'दोस्ताना आदान-प्रदान का वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है. इस आयोजन के दौरान भारत और चीन की सेनाएं मिल जुल कर कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी. इन एक्टिविटीज में एंटी टेरेरिस्ट प्रेक्टिस भी शामिल है जो भारत में संपन्न होगा. देखेंगे चीनी नौसैनिक जहाज


अपनी चीन यात्रा में आर्मी जनरल 5 जुलाई को शंघाई जानें वाले हैं. गौरतलब है कि बिक्रम सिंह पिछले नौ सालों में चीन जाने वाले पहले सेना प्रमुख हैं. अपनी यात्रा के अंतिम दौर में बिक्रम सिंह भारत और चाइनीज आर्मी के बीच कम्यूनिकेशन इनक्रीज करने की कोशिश करेंगे और एक चीनी नौसैनिक जहाज भी देखेंगे.

Posted By: Prabha Punj Mishra