रेलवे ने सैनिकों को दिया गिफ्ट अब भीड़ वाली ट्रेनों में भी सीट मिलना होगा आसान

2019-05-21T10:58:28Z

देश की रक्षा के लिए बार्डर पर सीना ताने खड़े सेना के जवानों और ऑफिसर्स के लिए रेलवे ने डिफेंस डिपार्टमेंट कोटा देने का डिसीजन लिया है

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VARANASI :
देश की रक्षा के लिए बार्डर पर सीना ताने खड़े सेना के जवानों और ऑफिसर्स के लिए रेलवे ने डिफेंस डिपार्टमेंट कोटा देने का डिसीजन लिया है. रेल मंत्रालय ने इससे रिलेटेड सर्कुलर जारी कर दिया है. बनारस में भी इसकी कॉपी रेलवे के ऑफिसर्स को प्राप्त हो गयी हैं. इससे यहां से रवाना होने वाले जवानों को बड़ी राहत मिल गयी है. उन्हें मूवमेंट के लिए अब कंफर्म टिकट की चिंता नहीं रहेगी. इस नए आदेश का फायदा खासतौर पर उन्हें मिलेगा जिन्हें ड्यूटी के चलते मूवमेंट करना पड़ता है.

पॉलिसी में किया बदलाव
रेलवे ने अपनी पॉलिसी में बदलाव करते हुए फैसला लिया है कि जिन ट्रेंस में 90 परसेंट से ज्यादा सीटें बुक हैं, वहां पर सेना के जवानों को जरूरत के मुताबिक कोटा दिया जाए. इस डिसीजन से जवानों को बड़ी राहत मिलेगी. क्योंकि सेना की हमेशा डिमांड रहती है कि ट्रेंस में सेना के लिए सीटों का कोटा बढ़ाया जाए. बता दें कि यह कोटा 15 मार्च 2015 को रेल मंत्रालय ने आदेश जारी कर कहा था कि यदि पिछले वित्त वर्ष के दौरान सामान्य कोटे का 90 परसेंट से ज्यादा उपयोग हो तो रक्षा विभाग को कोई कोटा जारी नहीं किया जाना चाहिए. अगर 90 फीसदी से कम कोटा उपयोग हो और सामान्य आरक्षण कोटे की उपलब्धता पर असर न पड़े, तभी कोटा दिया जाए. इन आदेशों के बाद सेना के लिए डीडी कोटा लेना मुश्किल पड़ गया, क्योंकि रेलवे में अधिकांश ट्रेनों में सीटें फुल होती थीं.

लंबे समय से लटकी थी फाइल
पहले सेना का कोटा बढ़ाने और घटाने की शक्तियां रेल मंत्रालय के अधीन थी. ऐसे में कोटे को लेकर जोन और रेलवे बोर्ड के बीच लिखा पढ़ी होती थी, जिसमें फैसला लेने में काफी समय लग जाता था. ऐसे में रेलवे ने जोन को शक्तियां देकर सेना और रेलवे ऑफिसर्स को राहत दे दी है. इससे कैंट स्टेशन पर स्थित सेना के मूवमेंट कंट्रोल ऑफिस को कोटा के लिए ऑफिसर्स का चक्कर नहीं काटना होगा.


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