अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स को जॉब करने का ज्यादा मिलेगा मौका ट्रंप ने पेश की नई पॉलिसी

2019-05-17T18:01:34Z

अमेरिका में हाई टैलेंटेड प्रोफेशनल्स का कोटा बढ़ाकर 57 फीसद करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने ग्रीन कार्ड की जगह 'बिल्ड अमेरिका' वीजा देने का भी प्रस्ताव पेश किया है।

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेरिट पर आधारित एक नई आव्रजन नीति की घोषणा की है। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस कदम से अमेरिका में नौकरी के इच्छुक भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए अवसर बढ़ने की संभावना है।नई आव्रजन नीति में मौजूदा ग्रीन कार्ड को बदलकर 'बिल्ड अमेरिका' वीजा करने और हाई टैलेंटेड प्रोफेशनल्स का कोटा 12 से बढ़ाकर 57 फीसद करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, इस नीति में हर साल जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। व्हाइट हाउस में गुरुवार को नई आव्रजन नीति की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हमारा यह प्रस्ताव अमेरिका में रहने वाले लोगों के प्रति हमारे पवित्र कर्तव्य को पूरा करने के साथ ही यह सुनिश्चित कर रहा है कि अमेरिका भविष्य में आने वाले लोगों का भी स्वागत करना जारी रखेगा।'

अमेरिकी नागरिकों का खास रखा गया ध्यान
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आव्रजन नीति दुनियाभर से टैलेंटेड लोगों को आकर्षित करने में विफल हो गई है। इसलिए वह मेरिट आधारित नई आव्रजन प्रणाली की पेशकश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'भविष्य में आने वाले लोगों को अमेरिका में घुसने से पहले अंग्रेजी और नागरिकता से जुड़े टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य देश की अखंडता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। नई नीति में अमेरिकी प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दिया जाना सुनिश्चित किया गया है। यह नीति अमेरिकी नागरिकों के फायदे की रक्षा करेगी। जबकि मौजूदा आव्रजन नियमों में विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकियों के विकल्प की स्वीकृति मिली हुई है।

ग्रीन कार्ड से यह होता है फायदा

गौरतलब है कि अमेरिका हर साल करीब 11 लाख ग्रीन कार्ड जारी करता है। इस कार्ड के मिलने से अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और काम करने की अनुमति मिलती है। मौजूदा व्यवस्था में ग्रीन कार्ड जारी करने में पारिवारिक संबंधों को तरजीह दी जाती है। इसलिए हाई टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के हिस्से में कम ग्रीन कार्ड आ पाते हैं। अभी 66 परसेंट ग्रीन कार्ड उन लोगों को दिए जाते हैं जिनके परिजन अमेरिकी नागरिक हैं। जबकि महज 12 फीसद योग्यता आधारित हैं।



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