एनएमएल में इंडोजर्मन वर्कशॉप का आगाज

2019-02-05T06:00:02Z

JAMSHEDPUR: देश के विकास में मैन्यूफैक्च¨रग सेक्टर काफी मायने रखता है। जीडीपी में कम से कम 25 फीसद योगदान इस क्षेत्र का होना चाहिए, जबकि केवल 15 फीसद है। नए अवसरों के साथ इस क्षेत्र के तेज गति से सतत विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में एडिटिव मैन्यूफैक्च¨रग भविष्य में नए अवसरों के साथ सामने होगा। यह कहना था आइआइटी खड़गपुर के चेयर प्रोफेसर प्रो। इंद्रनील मन्ना का। वे राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला में सोमवार को एडिटिव मैन्यूफैक्च¨रग ऑफ मेटल्स : करेंट इश्यूज एंड वे फारवर्ड विषयक कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एडिटिव मैन्यूफैक्च¨रग पर यह कार्यशाला उचित समय पर सही स्थान पर हो रही है। निश्चित रूप से ये नए अवसरों को सामने लाएगा।

कार्यशाला को उपयोगी बताया

इस अवसर पर टाटा स्टील के टेक्नोलोजी एंड न्यू मैटीरियल्स बिजनेस के वाइस प्रेसीडेंट डॉ। देबाशीष भट्टाचार्या ने कहा कि थ्रीडी प्रिंटिंग तकनीक अब प्लास्टिक से निकलकर धातु निर्माण तक पहुंच चुकी है। एडिटिव मैन्यूफैक्च¨रग के जरिए यह ऑटोमोटिव्स, एयरोस्पेस व रेलवे के छोटे उपकरणों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जर्मनी के तकनीकी विशेषज्ञ डॉ। वी उलवेनविंक्ड ने लेजर एलॉय के विकास, पाउडर प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोसेसिंग पर जोर दिया। वहीं एआरसीएल हैदराबाद के निदेशक डॉ। पद्मनाभन ने इस द्विपक्षीय कार्यशाला को काफी उपयोगी बताया। अतिथियों का स्वागत करते हुए एनएमएल के निदेशक डॉ। इंद्रनील चट्टोराज ने कार्यशाला के विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए धातु के एडिटिव मैन्यूफैक्च¨रग को इंजीनिय¨रग कंपोनंट्स उत्पादित करने के लिए विज्ञान व तकनीक का उभरता हुए क्षेत्र बताया। उन्होंने कार्यशाला को भारत व जर्मनी दोनों देशों के लिए उपयोगी होने की उम्मीद भी जताई। उद्घाटन समारोह में उपस्थित अन्य विशिष्ट हस्तियों में एआरसीआइ हैदराबाद के निदेशक डॉ। जी पद्मनाभन, डॉ। एस तरफदार, डॉ। केएल साहू आदि थे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ। वीसी श्रीवास्तव ने किया।

100 से ज्यादा प्रतिनिधि

तीन दिवसीय कार्यशाला में फ्रॉनहोपर इंस्टीट्यूट फोर मैकेनिक्स ऑफ मैटीरियल्स जर्मनी, सीएसआइआर-एनएमएल जमशेदपुर, ब्रेमर इंस्टीट्यूट फोर एंगेवांते स्ट्राल्टेकनिक ब्रीमन जर्मनी, आइआइटी खड़गपुर, आइआइटी चेन्नई, आइआइटी भुवनेश्वर, एनआइटी सूरतकल, एनआइटी दुर्गापुर, एआरसीआइ हैदराबाद, लेबनिज इंस्टीट्यूट फोर वर्कस्टफटेक्निक ब्रीमन जर्मनी, राजा रमन्ना सेंटर फोर एडवांस्ड टेक्नोलोजी इंदौर, आइआइटी कानपुर, एनआइएफएफटी रांची, ब्लू पावर कास्टिंग सिस्टम्स जीएमबीएच एंड इंडथर्म इरवार्मगसलंगम जर्मनी, इंटेक-डीएमएलएस, बेंगलुरू, एकोनिटी 3डी जर्मनी, विप्रो बेंगलुरू, एडिटिव व‌र्क्स ब्रीमन जर्मनी, सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर भुवनेश्वर, फ्रेडरिक एलेक्जेंडर यूनिवर्सिटी जर्मनी, टाटा स्टील जमशेदपुर के अलावा विभिन्न सीएसआइआर प्रयोगशाला व इंजीनिय¨रग कॉलेज सहित भारत व जर्मनी के 100 से अधिक प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। आयोजन सीएसआइआर-एनएमएल जमशेदपुर व लेबनीज इंस्टीट्यूट फोर वर्कस्टफओरिएंटरेट जर्मनी के संयुक्त तत्वावधान में चल रहा है।


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