मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे रोकेगा इलेक्ट्रीकल कंट्रोल ड्राइव सिस्टम

2019-05-10T09:48:46Z

अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे रोकने के लिए आरयू में बीटेक के स्टूडेंट्स ने फुल्ली ऑटोमेटिक मल्टीलेवल कंट्रोल अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग सिस्टम तैयार किया है

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BAREILLY :
अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे रोकने के लिए आरयू में बीटेक के स्टूडेंट्स ने फुल्ली ऑटोमेटिक मल्टीलेवल कंट्रोल अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग सिस्टम तैयार किया है. इस सिस्टम का यूज करने से न सिर्फ हादसे रुकेंगे बल्कि ट्रेन में पैसेंजर्स भी सुरक्षित रहेंगे. इस पूरे सेफ्टी सिस्टम को बीटेक फाइनल ईयर के तीन स्टूडेंट्स ने असिस्टेंट प्रोफेसर अमित सरोजलवाल की निर्देशन में तैयार किया है. इस सिस्टम को तैयार कर स्टूडेंट्स ने टीचर्स और अन्य साथियों को प्रैक्टिकल करके दिखाया तो सभी देखते रह गए.

चार माह में तैयार किया प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट को बीटेक फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स तेज प्रताप सिंह, शिव कुमार केशरी और विक्रम ने तैयार किया है. बताते हैं कि इस प्रोजेक्ट को उन्होंने बीटेक के ही असिस्टेंट प्रोफेसर अमित सरोजवाल के निर्देशन में पूरा किया है. पूरा प्रोजेक्ट तैयार करने में चार माह का समय लगा और करीब 20 हजार रुपए खर्च हो गए.

ऐसे आया आइडिया
तेज प्रताप सिंह ने बताया कि अक्सर यह सुनने में आता है कि अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन से लोगों की मौत हो गई या कोई बस टकरा गई. सोचा कि कोई ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया जाए जिससे अनमैंड रेलवे क्रासिंग पर हादसे रोके जा सकें. अपना आइडिया दो साथियों शिव कुमार और विक्रम के साथ शेयर किया तो वह भी इसमें साथ देने को राजी हो गए. फिर बीटेक के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित सरोजवाल से बात की तो उन्होंने प्रोजेक्ट के लिए स्टूडेंट्स को गाइड किया.

सिस्टम ऐसे करेगा काम
अनमैन रेलवे क्रॉसिंग पर हादसा रोकने के लिए इलेक्ट्रीकल कंट्रोल ड्राइव सिस्टम का लगाया लगाया जाएगा. जिसे सेंसर के जरिए कंट्रोल किया जाएगा. स्टूडेंट्स का कहना है कि अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग से दो किलोमीटर पहले एक सेंसर लगा है, वहां से जब ट्रेन गुजरेगी तो सिंग्नल तुरंत कंट्रोल रूम के जरिए रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचेगा. सिग्नल मिलते ही रेलवे क्रॉसिंग का सेंसर ऑन हो जाएगा. इसके बाद डिस्प्ले पर शो होगा कि ट्रेन आने वाली है, बजर साउंड करेगा और रेड सिग्नल भी शो होगा. जैसे ही रेलवे क्रॉसिंग खाली होगा तो गेट अपने आप ही बंद हो जाएगा.

तो रुक जाएगी ट्रेन
इस दौरान यदि रेलवे क्रॉसिंग से वाहन निकलते रहेंगे तो गेट बंद नहीं होगा. इसके लिए दूसरा सेंसर क्रॉसिंग से एक किलोमीटर पहले लगाया गया है, वहां पर ट्रेन जैसे ही पहुंचेगी तो ट्रेन में रेडियो फ्रीक्वेंसी से सिग्नल पहुंचेगा और लोको पायलट ट्रेन को रोक देगा. वहां पर 2 मिनट ट्रेन रुकने के दौरान क्रॉसिंग पर बजर आवाज करेगा, तो वहां पर शुरूआती दिनों के लिए रखा गया गेटमैन फाटक को मैनुअली बंद कर देगा. इसके बाद ट्रेन क्रॉसिंग की तरफ पहुंचेगी. ट्रेन क्रॉसिंग को क्रॉस कर आधा किलोमीटर आगे जैसे ही पहुंचेगी तो सभी सेंसर ऑफ हो जाएंगे. जैसे ही ट्रेन एक किलोमीटर आगे पहुंचेगी वैसे ही रेलवे क्रॉसिंग अपने आप ही ओपन हो जाएगी.

एसी और डीसी दोनों से ऑपरेट

 

रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे रोकने के लिए बनाये गए प्रोजेक्ट को ऑपरेट करने के लिए एसी सप्लाई दी जाएगी, हालांकि जरूरत पड़ने पर इसे डीसी सप्लाई से भी चलाया जा सकता है.


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