दुष्कर्म के मामले में दरोगा को दस साल की सजा

2019-04-25T10:58:39Z

दुष्कर्म के एक मामले में झंगहा थाने के तत्कालीन दरोगा हरिशंकर राम को दस साल की कठोर कैद एवं 27 हजार रुपए जुर्माने से दण्डित किया है

-जिला व सत्र न्यायाधीश ने जुर्म सिद्ध होने पर सुनाई सजा

-नशीला पदार्थ पिलाकर महिला के साथ करता रहा दुष्कर्म

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद बल्लभ शर्मा ने दुष्कर्म का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर झंगहा थाने के तत्कालीन दरोगा हरिशंकर राम को दस साल की कठोर कैद एवं 27 हजार रुपए जुर्माने से दण्डित किया है. जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को सात माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी.

थाने स्थित आवास पर किया दुष्कर्म|
अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी यशपाल सिंह एवं एडीजीसी धर्मेद्र कुमार मिश्र का कहना था कि वादिनी का उसके पट्टीदारों से जमीन का विवाद चल रहा था. जिसके लिए उसने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. पुन: उसने डीआईजी गोरखपुर को प्रार्थना पत्र दिया. जिस पर तत्कालीन दरोगा हरिशंकर राम ने उसे बुलाया और थाने पर स्थित अपने आवास पर ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया. जिससे वह बेहोश हो गई. बेहोश होने पर वह उसके साथ दुष्कर्म किया. होश में आने पर वह वादिनी से शादी का आश्वासन देकर शांत करा दिया और आगे भी उसके साथ दुष्कर्म करता रहा. न्यायाधीश ने पत्रावली में उपलब्ध तथ्यों और दोनों पक्षों को सुनने के बाद दरोगा को दुष्कर्म करने के जुर्म में दोषी पाया और सजा सुनाई.


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