इस University से कभी भी कर सकते हैं पढ़ाई

2013-08-09T21:07:07Z

GORAKHPUR एडमिशन की टेंशन हर किसी को सताती है एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स पूरे साल तैयारी करते हैं लेकिन कई बार ऐसा होता है कि फॉर्म भरने और एंट्रेंस देने के बावजूद एडमिशन नहीं मिल पाता स्टूडेंट्स की इस प्रॉब्लम को ध्यान में रखते हुए यूपी राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी ने नई व्यवस्था लागू की है जिसके तहत अब स्टूडेंट्स पूरे साल में कभी भी एनरोलमेंट करा सकते हैं इससे न तो उनका सेशन वेस्ट होगा और न ही उन्हें एडमिशन की कोई टेंशन होगी यह बातें यूपी राजर्षि टंडन ओपेन यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो एके बख्शी ने आई नेक्स्ट से शेयर की

उम्र की नहीं कोई लिमिट
राजर्षि टंडन में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को न तो अपनी उम्र को लेकर कोई टेंशन लेने की जरूरत है और न ही क्लास की. कई साल गैप हो जाने की वजह से एडमिशन न ले पाने वाले स्टूडेंट्स को भी इसका फायदा मिलेगा. यही नहीं फस्र्ट इयर में एडमिशन लेने के बाद एग्जाम छोड़ देने वाले स्टूडेंट्स को भी इसका फायदा मिलेगा, वह सिर्फ री-रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी पढ़ाई कंपलीट कर सकते हैं.

हर मंथ भेजा जाएगा स्टडी मैटेरियल
प्रो. बख्शी ने बताया कि एडमिशन मिलने के बाद स्टूडेंट्स के सामने कई बार ऐसी प्रॉब्लम सामने आती है कि उनका स्टडी मैटेरियल टाइमली नहीं पहुंच पाता है. इसकी वजह यह थी कि अभी तक बल्क में स्टडी मैटेरियल भेजे जाते थे, लेकिन अब पोस्टल और टेलीग्राफ डिपार्टमेंट से एमओयू साइन होने के बाद यह प्रॉब्लम भी दूर हो गई है. अब स्टूडेंट्स को हर मंथ उनके घर पर स्टडी मैटेरियल भेजे जा रहे हैं, जिससे कि उनकी पढ़ाई न डिस्टर्ब हो सके.
कई नए कोर्सेज की होगी शुरुआत
प्रो. एके बख्शी ने बताया कि यूपी राजर्षि टंडन यूनिवर्सिटी इस बार नए कोर्सेज स्टार्ट कराने के प्लान में है. इसके लिए तमाम प्रॉसेस पूरी हो चुकी हैं और यह एप्रूवल के लिए यूजीसी को भी भेजा जा चुका है. इसमें सबसे ज्यादा डिमांड में शामिल फॉरेंसिक साइंस को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है. इसके साथ ही उर्दू के साथ ही कुछ फॉरेन लैंगवेजेज के कोर्सेज स्टार्ट कराने की तैयारी की गई है. यही नहीं इसके साथ ही एमफिल और पीएचडी भी स्टार्ट हो जाएगी.
अनयूज्ड कोर्सेज होंगे बंद
प्रो. बख्शी ने बताया कि यूनिवर्सिटी सिर्फ नए कोर्सेज को स्टार्ट करने की तैयारी ही नहीं कर रही है बल्कि कुछ पुराने कोर्सेज जिनका मौजूदा वक्त में कोई रेलेवेंस नहीं है, उन्हें बंद करने पर भी विचार किया जा रहा है. इन्हें बंद कर कुछ नए कोर्सेज शुरु किए जाएंगे जो मौजूदा वक्त में कारगर हों और जिससे स्टूडेंट्स को कुछ फायदा मिल सके.



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