IPL में सट्टेबाजी के लिए स्टूडेंट पर फेंका जा रहा जाल

2019-04-05T11:35:47Z

आईपीएल शुरु होते ही सट्टा बाजार गरम हो गया है। इस बार सटोरिये को शहर से करोड़ों का सट्टा लगाए जाने की उम्मीद है।

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KANPUR : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरू होते ही शहर का सट्टा बाजार गरम हो गया है। इस बार सटोरिये को शहर से करोड़ों का सट्टा लगाए जाने की उम्मीद है। सटोरियों के टच में पुराने प्लेयर तो है ही, लेकिन इस बार वे ज्यादा कमाई करने के लालच में स्कूल और कॉलेज के छात्रों को टारगेट कर रहे हैं। वे पैसे कमाने का शार्टकट बताकर छात्रों को इस खेल में फंसाने की कोशिश कर रहे है। इसलिए पैरेंट्स को अलर्ट हो जाना चाहिए। वरना आपका बच्चा भी इस 'खेल' में फंसकर बर्बाद हो सकता है। आइए आपको बताते है कि सटोरियों का गैैंग कैसे स्टूडेंट्स को अपने जाल में फंसाते है और ये किस तरह का सट्टा लगवाते है। आपको बता दें कि जब से आईपीएल शुरू हुआ है तक से लेकर वेडनेसडे तक करीब 18 युवा सटोरिए पकड़े जा चुके हैं।


स्कूल और कॉलेज में एक्टिव रहते है गुर्गे

नाम ने पब्लिश करने की रिक्वेस्ट पर एक सटोरिए के साथी ने बताया कि सटोरियों के गुर्गे स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल के पास एक्टिव रहते है। ये लोग स्टूडेंट से दोस्ती कर उनको महंगे शौक की लत लगवा देते है। ये स्टूडेंट के साथ रहकर सट्टा जीतने की बात करते है। उनको बताते है कि कितने कम पैसे लगाकर उन लोगों ने हजारों रुपये कमा लिए है। जो स्टूडेंट इनकी बातों में आ जाता है तो ये लोग खुद उनको उधार पैसे देकर सट्टा खिलाकर जीता देते है। जिससे स्टूडेंट इनके जाल में फंस कर सट्टा खेलने लगता है।

क्लब, लॉज और पब में सट्टा

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक शहर में इस समय 35 से ज्यादा क्लब, लॉज और पब है। जिनमें सबसे ज्यादा यूथ जाते हैं। वे वहां पर पार्टी के साथ नशाखोरी भी करते है। अब ये यूथ सटोरिये के टारगेट पर है। सटोरियों के गुर्गे पार्टी में शामिल होकर इन लोगों को नशाखोरी करवाते है। इसके बाद वे इन लोगों को सट्टïे की लत लगवाते है। गुर्गे सट्टïे को स्टेटस सिंबल से जोड़कर अच्छी फैमिली के बच्चों को फंसाते है। वे कहते है कि अरे कुछ पैसा हार गए तो क्या होगा? अगर जीत गए तो पार्टी होगी।

लड़कियों को भी लग गई लत

एक रिपोर्ट के मुताबिक लॉउंज क्लब और पब में जाने वाले यूथ में 40 प्रतिशत गर्ल्स भी होती है। ये अच्छी फैमिली से होती है। ये लड़कियां गलत संगत की वजह से सट्टा खेलने लगी है। मसलन एक ग्रुप में पांच लड़के और दो लड़कियां है तो लड़कियां दोस्तों को देखकर सट्टा खेलने लगी है। पहले ये लोग आपस में पार्टी के नाम पर सट्टा लगाते है। बाद में ये सटोरियों के पास सट्टा लगवाने लगती है।
इस बार डबल चांदी
आईपीएल लीग को सटोरियों की सहालग कहा जाता है। आईपीएल में ही सबसे ज्यादा सट्टा लगता है। इस बार आईपीएल के बाद वल्र्ड कप होने वाला है। इससे सटोरियों को एक और लीग सट्टा लगवाने के लिए मिल जाएगी। इससे सटोरियों को डबल चांदी हो गई है।

कई तरह का सट्टा लगवा रहे

एक सटोरिए ने नाम न पब्लिश करने की रिक्वेस्ट पर बताया कि सट्टा खेलने वाले प्लेयर कई तरह का सट्टा खेलते है। हर प्लेयर अलग तरह का सट्टा खेलता है। इसे देख सटोरियों ने इस बार हर तरह का सट्टा लगवा रहे है। इस बार सेशन से लेकर फेवरेट टीम तक सट्टा लगवा जा रहा है। इसके अलावा टीम की जीत हार, फेवरेट प्लेयर और मैच के स्कोर पर भी सट्टा लगवा जा रहा है।

स्कोर पर लगता है सबसे ज्यादा सट्टा

प्लेयर कई तरह का सट्टा खेलते है, लेकिन सबसे ज्यादा सट्टा मैच के स्कोर और सेशन पर लगता है। मैच के स्कोर के आखिरी दो नंबर पर सट्टा लगता है। मसलन किसी टीम ने 139 रन का स्कोर बनाया है और प्लेयर ने आखिरी नंबर 9 पर सट्टा लगाया है तो उसको जीतने पर नौ गुना रकम मिलती है। इसी तरह अगर उसने आखिरी दो नंबर 39 पर सट्टा लगाया है तो उसे जीतने पर 70 से 80 गुना रकम मिलती है। वहीं एक मैच में चार सेशन होते है। पहले दो सेशन पहले टीम के खेलते समय होता है। यह सेशन 10 ओवर तक चलता है। इसी तरह दूसरी टीम के खेलने के समय 5-5 ओवर का सेशन होता है। सेशन में हर गेंद में भाव बदलता है। इसमें प्लेयर जितना पैसा लगाता है। उसे जीतने पर दोगुना पैसा मिलता है।
सटोरियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की कई स्पेशल टीमें अपनी नजर बनाए हुए हैं। - अनंत देव, एसएसपी, कानपुर नगर


Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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